पूर्व पाकिस्तानी मंत्री ने लश्कर आतंकियों के साथ साझा किया मंच, भारत को बर्बाद करने की धमकी
पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री शेख रशीद अहमद का कथित वीडियो वायरल है, जिसमें वह लश्कर-ए-तैयबा आतंकियों के साथ मंच साझा करते और भारत को धमकी देते दिखे।
पूर्व पाकिस्तानी मंत्री का लश्कर आतंकियों के साथ मंच साझा करने का वीडियो वायरल
पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री शेख रशीद अहमद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों के साथ मंच साझा करते और भारत के खिलाफ धमकी भरे बयान देते नजर आ रहे हैं। हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
बताया जा रहा है कि वीडियो में शेख रशीद के साथ लश्कर के कमांडर खालिद मसूद संधू और कारी मुहम्मद याकूब शेख भी दिखाई दे रहे हैं। शेख रशीद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार में गृह मंत्री रह चुके हैं और अवामी मुस्लिम लीग के संस्थापक भी हैं।
वीडियो में कथित तौर पर शेख रशीद ने आतंकवादी संगठन के संस्थापक हाफिज सईद की खुले तौर पर प्रशंसा की। उन्होंने खुद को हाफिज सईद का अनुयायी और समर्थक बताते हुए कहा कि मुजाहिदीन ने पाकिस्तान के लिए खुद को समर्पित किया है।
उन्होंने कथित तौर पर भारत को धमकी देते हुए कहा कि अगर भारत ने पाकिस्तान की ओर देखने की कोशिश की तो उसे बर्बाद कर दिया जाएगा। वायरल वीडियो में उन्होंने बेहद आपत्तिजनक और हिंसक भाषा का इस्तेमाल करते हुए भारत के खिलाफ कार्रवाई की धमकी दी।
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान में प्रभावशाली लोगों और आतंकवादी संगठनों से जुड़े लोगों के एक साथ दिखाई देने का मामला सामने आया हो। जून में हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद को इस्लामाबाद में पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर के अंतिम संस्कार में देखा गया था। वहां कई अन्य आतंकवादी भी मौजूद थे।
अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में पाकिस्तान में आतंकी संगठनों की मौजूदगी को लेकर लगातार चिंता जताई जाती रही है। अमेरिकी कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस समेत कई रिपोर्टों में पाकिस्तान को विशेष रूप से भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल आतंकी समूहों के लिए सुरक्षित ठिकाने के रूप में चिन्हित किया गया है।
भारत भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद रोकने की मांग करता रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने पहले कहा था कि दशकों से सीमा पार आतंकवाद और कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाला देश बहुलतावादी सांस्कृतिक विरासत का दावा नहीं कर सकता।
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