गूगल वैज्ञानिक की चेतावनी: यूरोपीय संघ के डेटा नियमों से यूजर्स की गोपनीयता पर खतरा
गूगल वैज्ञानिक ने चेतावनी दी कि यूरोपीय संघ के डेटा साझा नियमों से यूजर्स की गोपनीयता खतरे में पड़ सकती है, जिससे टेक कंपनियों और नियामकों के बीच तनाव बढ़ा है।
गूगल के एक शीर्ष वैज्ञानिक ने यूरोपीय संघ के प्रतिस्पर्धा नियामकों को चेतावनी देते हुए कहा है कि प्रस्तावित डेटा साझा करने के नियम उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी को खतरे में डाल सकते हैं। यह बयान मंगलवार को सामने आया और गूगल के व्यापार मॉडल को लेकर चल रहे विवाद में अब तक की सबसे कड़ी प्रतिक्रिया मानी जा रही है।
यूरोपीय आयोग, जो यूरोपीय संघ में प्रतिस्पर्धा को नियंत्रित करने वाली प्रमुख संस्था है, ने हाल के वर्षों में बड़ी टेक कंपनियों पर कई सख्त नियम लागू किए हैं। इन नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपयोगकर्ताओं को अधिक विकल्प मिलें और छोटी कंपनियों को भी बाजार में प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिले।
इसी कड़ी में आयोग ने गूगल को अपने सर्च इंजन से संबंधित डेटा को ओपनएआई जैसी अन्य कंपनियों के साथ साझा करने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, गूगल के वैज्ञानिक का कहना है कि इस तरह के कदम से उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी उजागर होने का खतरा बढ़ सकता है, जो गोपनीयता के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।
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इस मुद्दे को लेकर गूगल और यूरोपीय नियामकों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। वहीं, अमेरिका सरकार ने भी यूरोपीय संघ के इन सख्त नियमों पर नाराजगी जताई है, क्योंकि इससे अमेरिकी टेक कंपनियों के कारोबार पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला भविष्य में डिजिटल डेटा सुरक्षा और प्रतिस्पर्धा नीति के बीच संतुलन बनाने की दिशा में अहम साबित हो सकता है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यूरोपीय संघ अपने प्रस्तावित नियमों में कोई बदलाव करता है या नहीं और गूगल इस पर क्या रुख अपनाता है।
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