×
 
☰

चीन के पुर्जों से बैलिस्टिक मिसाइल बना रहे हूती, सऊदी अरब और इजरायल बन सकते हैं निशाना: रिपोर्ट

ब्रिटिश संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक, हूती चीन से आए पुर्जों की मदद से ईरानी डिजाइन वाली बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली बना सकते हैं, जिससे सऊदी अरब और इजरायल को खतरा बढ़ सकता है।

ईरान समर्थित हूती विद्रोही चीन से भेजे गए पुर्जों की मदद से एक उन्नत मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली तैयार कर रहे हैं। ब्रिटेन स्थित संगठन कॉन्फ्लिक्ट आर्मामेंट रिसर्च (सीएआर) की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। इसके अनुसार, इस प्रणाली से हूती सऊदी अरब और इजरायल को अधिक सटीकता से निशाना बनाने में सक्षम हो सकते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित मिसाइल प्रणाली ईरान की सटीक निशाना लगाने वाली ‘खैबर शिकन’ बैलिस्टिक मिसाइल पर आधारित हो सकती है। इस मिसाइल की मारक क्षमता लगभग 2,000 किलोमीटर बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इसमें हवाई रक्षा प्रणालियों से बच निकलने की क्षमता भी है।

रिपोर्ट के अनुसार हूतियों की स्थानीय स्तर पर मिसाइल निर्माण की महत्वाकांक्षा पहले लगाए गए अनुमानों से कहीं अधिक है। उन्होंने बताया कि बरामद पुर्जे बेहद विशिष्ट हैं और इनके निर्माण के लिए मिसाइल से संबंधित डिजाइन की जानकारी आवश्यक रही होगी। उनके अनुसार, इनका इस्तेमाल सामान्य नागरिक कार्यों में आसानी से नहीं किया जा सकता।

और पढ़ें: रियाद एयरपोर्ट पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले का हूतियों का दावा, तनाव बढ़ने के बीच उड़ानें रोकी गईं

चीन ने रिपोर्ट पर क्या कहा?

चीन ने रिपोर्ट के दावों को न तो स्वीकार किया और न ही स्पष्ट रूप से खारिज किया। वाशिंगटन स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू चांग ने कहा कि चीन अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करता है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन सैन्य उत्पादों के निर्यात में सतर्क और जिम्मेदार रुख अपनाता है तथा दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं के निर्यात पर सख्त नियंत्रण रखता है।

चीन सऊदी अरब और ईरान से कच्चे तेल की खरीद करने वाला प्रमुख देश है। उसने सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर हूती हमलों की निंदा की है और संघर्ष कम करने की अपील की है।

यमन में पकड़ी गईं चीन से आई खेपें

रिपोर्ट यमन के अधिकारियों की ओर से जुलाई में दी गई जानकारी पर आधारित है। अधिकारियों ने संदिग्ध उपकरणों से लदी दो खेपों को रोका था। ये चीन से भेजी गई थीं और यमन के होदेदा बंदरगाह पहुंचाई जानी थीं। इजरायल का मानना है कि इस बंदरगाह का इस्तेमाल ईरान हथियारों की आपूर्ति के लिए करता है।

बरामद सामान में मिसाइल के स्थिरीकरण पंखों के हिस्से, रॉकेट मोटर के पिछले हिस्से, नोजल, इग्नाइटर और फेनोलिक रेजिन शामिल थे। रेजिन का उपयोग अत्यधिक गर्मी से बचाने वाली सुरक्षा परत बनाने में होता है।

हिन्ज के अनुसार, इन सामग्रियों का संयोजन संकेत देता है कि हूती ईरानी डिजाइन वाली विशेष मिसाइल प्रणाली तैयार करना चाहते हैं। हालांकि, रिपोर्ट के दावों और इन पुर्जों के अंतिम उपयोग की स्वतंत्र पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है।

और पढ़ें: हौथियों ने रियाद के मुख्य हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल से किया हमला, एयरलाइंस को चेतावनी

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share