हंगरी के राष्ट्रपति तामास शुल्योक ने संवैधानिक संशोधन पर हस्ताक्षर किए, कार्यकाल समाप्त होने का रास्ता साफ
हंगरी के राष्ट्रपति तामास शुल्योक ने संवैधानिक संशोधन पर हस्ताक्षर कर अपना कार्यकाल समाप्त करने का मार्ग प्रशस्त किया। नई सरकार अब 30 दिनों के भीतर नए राष्ट्रपति का चुनाव करेगी।
हंगरी के राष्ट्रपति तामास शुल्योक ने एक संवैधानिक संशोधन पर हस्ताक्षर कर दिए, जिसके साथ ही उनके राष्ट्रपति पद का कार्यकाल समाप्त होने का रास्ता साफ हो गया। यह कदम देश की नई सरकार और राष्ट्रपति के बीच कई महीनों से चल रहे राजनीतिक विवाद का अंत माना जा रहा है।
संवैधानिक संशोधन के अनुसार, राष्ट्रपति तामास शुल्योक का कार्यकाल सोमवार, 20 जुलाई की मध्यरात्रि से आधिकारिक रूप से समाप्त हो जाएगा। इसके बाद हंगरी की संसद की अध्यक्ष आग्नेश फोर्स्थोफ़र अंतरिम रूप से राष्ट्रपति के सभी संवैधानिक दायित्व संभालेंगी। संविधान के प्रावधानों के तहत संसद को अगले 30 दिनों के भीतर नए राष्ट्रपति का चुनाव करना होगा।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब हंगरी के नए प्रधानमंत्री पीटर मजार ने अप्रैल में हुए आम चुनाव में लंबे समय तक सत्ता में रहे पूर्व प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान को भारी अंतर से पराजित किया था। चुनाव जीतने के बाद से ही प्रधानमंत्री पीटर मजार लगातार राष्ट्रपति तामास शुल्योक से इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
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प्रधानमंत्री मजार का आरोप था कि राष्ट्रपति शुल्योक ने अपने संवैधानिक दायित्वों का उचित निर्वहन नहीं किया और विक्टर ओरबान की सरकार द्वारा उठाए गए कथित अलोकतांत्रिक कदमों का विरोध करने में विफल रहे। उनका कहना था कि राष्ट्रपति को संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रपति के कार्यकाल का इस प्रकार समाप्त होना हंगरी की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। नई सरकार अब उन अधिकारियों को भी बदलने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है, जिन्हें पूर्व प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान के शासनकाल के दौरान नियुक्त किया गया था। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में नए राष्ट्रपति के चुनाव के साथ हंगरी की राजनीतिक दिशा में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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