प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक नेतृत्व को बढ़ावा, भरोसा रैंकिंग में भारत अमेरिका, चीन और रूस से आगे: सर्वे
ऑस्ट्रेलिया के लोवी इंस्टीट्यूट सर्वे में भारत को सबसे अधिक भरोसेमंद देशों में बताया गया है। भारत ने अमेरिका, चीन और रूस को पीछे छोड़ते हुए वैश्विक साख मजबूत की है।
ऑस्ट्रेलिया के थिंक टैंक लोवी इंस्टीट्यूट द्वारा जारी एक ताजा सर्वे में कहा गया है कि भारत को दुनिया में जिम्मेदारी से कार्य करने वाले देश के रूप में 50 प्रतिशत लोगों का भरोसा प्राप्त है, जो अमेरिका, चीन और रूस से अधिक है। यह सर्वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक नेतृत्व के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जो पिछले 12 वर्षों से सत्ता में हैं।
सर्वे के अनुसार ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों में भारत के प्रति भरोसा लगातार बढ़ रहा है। भारत, जो जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, उन चुनिंदा देशों में शामिल है जिन पर वैश्विक भरोसा मजबूत दिखाई देता है।
लोवी इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत पर 46 प्रतिशत लोगों को “कुछ हद तक भरोसा” है, जबकि 4 प्रतिशत लोगों को भारत के नेतृत्व पर “बहुत अधिक भरोसा” है। इसके मुकाबले अमेरिका पर केवल 31 प्रतिशत, चीन पर 28 प्रतिशत और रूस पर मात्र 11 प्रतिशत भरोसा जताया गया है।
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रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ऑस्ट्रेलिया के लोग दोनों महाशक्तियों अमेरिका और चीन को लेकर सतर्क हैं। अमेरिका के प्रति भरोसा अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को वैश्विक स्तर पर पहले भी कई सर्वे में मजबूत समर्थन मिला है। मॉर्निंग कंसल्ट ग्लोबल लीडर अप्रूवल ट्रैकर में भी मोदी को 75 प्रतिशत रेटिंग मिली थी, जो दुनिया में सबसे अधिक थी।
मोदी पिछले 12 वर्षों से प्रधानमंत्री पद पर हैं और वे भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बन चुके हैं। इस दौरान कई देशों में नेतृत्व परिवर्तन हुए हैं, जबकि भारत की स्थिति स्थिर और मजबूत बनी हुई है। यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती वैश्विक साख और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की स्वीकार्यता को दर्शाती है।
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