संयुक्त राष्ट्र का दावा: ईरान में इस वर्ष कम से कम 841 लोगों को फाँसी
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, ईरान ने इस वर्ष अब तक 841 लोगों को फाँसी दी है। 11 और व्यक्तियों की सज़ा आसन्न है, जिनमें छह पर सशस्त्र विद्रोह का आरोप है।
संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने एक गंभीर रिपोर्ट जारी करते हुए बताया है कि ईरान में वर्ष 2025 के दौरान अब तक कम से कम 841 लोगों को फाँसी दी जा चुकी है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की प्रवक्ता रवीना शमदासानी ने बताया कि इनमें से कई मामलों में अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन नहीं किया गया और निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन हुआ।
रवीना शमदासानी के अनुसार, वर्तमान में 11 व्यक्तियों की फाँसी किसी भी समय हो सकती है। इनमें छह लोग ऐसे हैं जिन पर “सशस्त्र विद्रोह” का आरोप लगाया गया है। इन पर आरोप है कि वे निर्वासित विपक्षी संगठन “पीपल्स मुजाहिदीन ऑर्गनाइजेशन ऑफ ईरान (PMOI)” से जुड़े हैं। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि ईरानी सरकार ने इन मामलों में पारदर्शिता नहीं दिखाई और न ही दोषियों को कानूनी सहायता प्राप्त करने का पर्याप्त अवसर दिया।
मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि ईरान में मौत की सज़ाओं का इस्तेमाल अक्सर राजनीतिक असहमति को दबाने के लिए किया जाता है। इस साल फाँसी की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है, जिससे वैश्विक समुदाय में चिंता बढ़ गई है।
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यूएन ने ईरान से अपील की है कि वह तुरंत सभी फाँसियों को रोकें और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के अनुरूप न्यायिक प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करे। साथ ही यह भी मांग की गई है कि राजनीतिक कैदियों और असहमति जताने वालों के खिलाफ मौत की सज़ा का दुरुपयोग न हो।
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