वित्तीय और तेल बाजारों में हेरफेर के लिए झूठी खबरें: ईरान के स्पीकर ने ट्रंप के वार्ता दावों को खारिज किया
ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बगर गलीबाफ ने ट्रंप के ईरान-अमेरिका वार्ता दावों को खारिज करते हुए कहा कि झूठी खबरें तेल और वित्तीय बाजारों में हेरफेर के लिए फैलाई जा रही हैं।
ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बगर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को खारिज किया कि ईरान और अमेरिका के बीच हाल के दो दिनों में "बहुत अच्छी" और "सकारात्मक" वार्ता हुई। गलीबाफ ने सोमवार को कहा कि यह पूरी जानकारी गलत है और झूठी खबरें फैलाकर तेल और वित्तीय बाजारों में हेरफेर किया जा रहा है।
गलीबाफ ने कहा कि इस तरह की झूठी खबरें अमेरिका और इज़राइल द्वारा फंसे गए संकट से बाहर निकलने के लिए फैलाई जा रही हैं। उनका कहना था कि ईरानी जनता चाहती है कि आक्रमणकारियों को "पूर्ण और पछतावेदार सजा" दी जाए।
स्पीकर ने जोर देते हुए कहा कि ईरान के अधिकारी और जनता नए सर्वोच्च नेता मोज़तबा खमेनेई के साथ पूरी दृढ़ता से खड़े हैं और तब तक संघर्ष जारी रहेगा जब तक उनके लक्ष्य पूरे नहीं होते।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की औपचारिक वार्ता नहीं हुई है। गलीबाफ ने कहा कि नकली खबरों का उद्देश्य वित्तीय और तेल बाजारों में अस्थिरता पैदा करना और अमेरिकी-इज़राइली जाल से बाहर निकलना है।
ईरान ने लगातार यह संकेत दिया है कि किसी भी प्रकार की विदेशी दबाव में वह अपने रणनीतिक फैसलों से पीछे नहीं हटेगा। गलीबाफ का बयान अमेरिका और ट्रंप प्रशासन के दावों का कड़ा जवाब माना जा रहा है।
ईरानी स्पीकर का यह रुख इस बात को भी दर्शाता है कि देश अपने ऊर्जा और आर्थिक संसाधनों की रक्षा में पूरी तरह संकल्पित है और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को सहन नहीं करेगा।
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