जयशंकर 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सत्र को करेंगे संबोधित
विदेश मंत्री एस जयशंकर 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भारत का पक्ष रखेंगे। सत्र के दौरान वैश्विक संघर्ष, जलवायु और परमाणु निरस्त्रीकरण प्रमुख मुद्दे होंगे।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक उच्चस्तरीय सत्र में आम बहस को संबोधित करेंगे। संशोधित अस्थायी वक्ताओं की सूची के अनुसार, जयशंकर 26 सितंबर की दोपहर के सत्र में विश्व नेताओं के सामने भारत का पक्ष रखेंगे।
संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र 8 सितंबर से शुरू होगा। 193 सदस्यीय संगठन की आम बहस 22 से 28 सितंबर तक चलेगी, जिसमें दुनिया के विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकारों के प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे।
आम बहस की शुरुआत 22 सितंबर को परंपरा के अनुसार ब्राजील के वक्ता से होगी। इसके बाद अमेरिका का संबोधन होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी 22 सितंबर को महासभा को संबोधित करेंगे। अपने दूसरे कार्यकाल में यह उनका संयुक्त राष्ट्र महासभा में दूसरा संबोधन होगा।
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पूरे एक वर्ष चलने वाले 81वें सत्र की अध्यक्षता बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान करेंगे। उन्हें जून में 193 सदस्यीय संगठन का नेतृत्व करने के लिए चुना गया था।
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में वर्ष का सबसे व्यस्त कूटनीतिक दौर माने जाने वाले इस सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। इनमें भू-राजनीतिक संघर्ष, ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल युद्ध, खाद्य और ईंधन की बढ़ती कीमतें तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान शामिल हैं।
इसके अलावा विकास के अधिकार संबंधी घोषणा की 40वीं वर्षगांठ, जलवायु कार्रवाई और न्यायसंगत बदलाव पर बैठक होगी। समुद्र के बढ़ते जलस्तर, महामारी की रोकथाम और तैयारी तथा परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन जैसे मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहेंगे।
बांग्लादेश और नेपाल के सरकार प्रमुख 24 सितंबर को, जबकि पाकिस्तान 25 सितंबर को आम बहस को संबोधित करेगा। यह वर्तमान संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुतारेस के लिए अंतिम उच्चस्तरीय महासभा सत्र होगा। उनका दूसरा पांच वर्षीय कार्यकाल दिसंबर में समाप्त होगा। नए महासचिव के चुनाव की प्रक्रिया जारी है और इस बार पहली महिला महासचिव नियुक्त किए जाने की संभावना पर विशेष नजर है।
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