कर्नाटक ने तीसरे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की उठाई मांग, बेंगलुरु–मुंबई रूट पर जोर
कर्नाटक ने बेंगलुरु-मुंबई के बीच तीसरे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की मांग की है। राज्य का कहना है कि इससे उद्योग, व्यापार, निवेश और यात्रा समय में बड़ी तेजी आएगी।
केंद्र सरकार द्वारा बजट 2026–27 में देश में सात नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की घोषणा के बाद कर्नाटक में एक और हाई-स्पीड रेल परियोजना की मांग तेज हो गई है। राज्य के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री एमबी पाटिल ने हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर बेंगलुरु और मुंबई के बीच तीसरे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा है।
दरअसल, केंद्रीय बजट में पहले ही कर्नाटक के लिए दो बुलेट ट्रेन परियोजनाओं—बेंगलुरु-हैदराबाद और बेंगलुरु-चेन्नई—की घोषणा की जा चुकी है। इन परियोजनाओं के लागू होने के बाद यात्रा समय में भारी कमी आने की उम्मीद है। बेंगलुरु-हैदराबाद बुलेट ट्रेन से सफर का समय घटकर लगभग दो घंटे रह जाएगा, जबकि बेंगलुरु-चेन्नई के बीच यात्रा केवल 73 मिनट में पूरी हो सकेगी।
राज्य सरकार का मानना है कि बेंगलुरु-मुंबई बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बनने से दक्षिण और पश्चिम भारत के बीच आर्थिक, औद्योगिक और व्यापारिक संपर्क को बड़ी मजबूती मिलेगी। बेंगलुरु देश का प्रमुख आईटी और स्टार्टअप हब है, जबकि मुंबई वित्तीय राजधानी के रूप में जानी जाती है। ऐसे में दोनों शहरों के बीच हाई-स्पीड रेल संपर्क से निवेश, पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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एमबी पाटिल ने कहा कि इस कॉरिडोर से कर्नाटक, महाराष्ट्र और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। इसके अलावा सड़क और हवाई यात्रा पर दबाव भी कम होगा और पर्यावरण के लिहाज से भी यह परियोजना लाभकारी साबित हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का विस्तार भारत के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। यदि बेंगलुरु-मुंबई कॉरिडोर को मंजूरी मिलती है, तो यह देश के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक गलियारों में से एक बन सकता है।
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