किरण रिजिजू का बयान: भारत में भी वेस्टमिंस्टर मॉडल जैसा संसदीय अनुशासन अपनाने की जरूरत
किरण रिजिजू ने ब्रिटेन संसद का वीडियो साझा कर भारत में भी वेस्टमिंस्टर मॉडल जैसा अनुशासन लागू करने की मांग की और विपक्ष पर असंसदीय भाषा इस्तेमाल का आरोप लगाया।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने एक बार फिर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। हालांकि उन्होंने किसी दल या नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन प्रधानमंत्री पद की गरिमा और संसद में इस्तेमाल होने वाली भाषा को लेकर उन्होंने विपक्षी रवैये पर सवाल उठाए।
रविवार (28 जून) को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ब्रिटेन की संसद का एक वीडियो साझा किया और कहा कि भारत में भी ब्रिटिश-वेस्टमिंस्टर संसदीय लोकतंत्र मॉडल जैसी व्यवस्था अपनाई जानी चाहिए, जहां संसदीय मर्यादा और अनुशासन सख्ती से लागू होता है।
उन्होंने कहा कि भारत की संसद में कई बार प्रधानमंत्री के लिए "कायर", "सरेंडर", "आतंकवादी", "चोर" और अन्य अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद किसी तरह की कार्रवाई नहीं होती। उनका इशारा संसद में बढ़ती असंसदीय भाषा और आचरण की ओर था।
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जिस वीडियो का उन्होंने जिक्र किया, उसमें ब्रिटेन की संसद में पाकिस्तानी मूल की सांसद जारा सुल्ताना को प्रधानमंत्री कीर स्टारमर पर टिप्पणी करने के बाद सदन से बाहर जाने को कहा गया। बताया गया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को "झूठा" कहा था और बाद में यह शब्द वापस लेने से इनकार कर दिया।
इसके बाद स्पीकर लिंडसे होयल ने उन्हें फटकार लगाते हुए संसद से बाहर कर दिया। इसी दौरान सांसद ली एंडरसन को भी सदन से बाहर किया गया। यह कार्रवाई संसदीय नियमों के उल्लंघन के तहत की गई।
रिजिजू ने इस घटना को साझा करते हुए कहा कि ब्रिटेन में संसद की गरिमा बनाए रखने के लिए सख्त नियम हैं, जबकि भारत में इस तरह की कार्रवाई बेहद कम देखने को मिलती है। उन्होंने संकेत दिया कि भारत में भी संसदीय अनुशासन को मजबूत करने की आवश्यकता है।