नंदीग्राम उपचुनाव में ममता की टीएमसी कांग्रेस को देगी समर्थन, संचित प्रधानी डे ने वापस लिया नाम
ममता बनर्जी के टीएमसी धड़े ने संचिता प्रधान डे के नाम वापस लेने के बाद नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा की। असम में भी समर्थन का ऐलान किया।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को घोषणा की कि उनका तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) धड़ा 6 अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस का समर्थन करेगा। यह फैसला उनकी पार्टी की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे के चुनावी दौड़ से हटने के कुछ ही समय बाद लिया गया।
संचिता प्रधान डे ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद उपचुनाव से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। इसके बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन का ऐलान किया। उन्होंने असम की नागांव लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में भी कांग्रेस को समर्थन देने की बात कही।
ममता ने यह घोषणा ऐसे समय की है, जब असली टीएमसी को लेकर रितब्रत बनर्जी के धड़े के साथ उनका विवाद चल रहा है। पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह खोने के बाद पत्रकारों से बातचीत में ममता ने कहा कि वह न तो झुकेंगी और न ही पीछे हटेंगी। उन्होंने कहा कि वह संघर्ष जारी रखेंगी और वापसी करेंगी।
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ममता के मुताबिक, कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को उनसे फोन पर बात की थी। उन्होंने विपक्षी दलों से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को चुनौती देने के लिए एकजुट होने की जरूरत पर जोर दिया। ममता ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह गंवाने के बाद उनके प्रति समर्थन जताया है।
ममता ने रितब्रत बनर्जी के धड़े पर निशाना साधते हुए उसे बीजेपी की ‘A-टीम’ बताया और निर्वाचन आयोग के फैसले को लोकतांत्रिक इतिहास का ‘काला दिन’ कहा। उन्होंने कहा कि वह टीएमसी को नहीं छोड़ेंगी।
उन्होंने बताया कि नंदीग्राम में कांग्रेस को समर्थन देशहित में दिया जाएगा। रेजीनगर सीट पर फैसला बाद में लेने की बात कही, जबकि असम में उनकी पार्टी चुनाव नहीं लड़ेगी।
रितब्रत के विद्रोह के बाद दोनों धड़े खुद को असली टीएमसी बता रहे हैं। निर्वाचन आयोग ने नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनावों में दोनों को पार्टी के नाम और पुराने चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल से रोक दिया है। ममता के धड़े को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ और दूसरे धड़े को ‘लिफाफा’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है।
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