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म्यांमार की जेड खदान में भूस्खलन, 5 लोगों की मौत, 15 अब भी लापता

म्यांमार के हपाकांत स्थित जेड खदान में भूस्खलन से पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 लोग लापता हैं। लगातार बारिश के बीच राहत एवं बचाव अभियान जारी है।

म्यांमार के काचिन राज्य के हपाकांत क्षेत्र में एक बंद पड़ी जेड (कीमती पत्थर) खदान में हुए भूस्खलन में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि लगभग 15 लोग अब भी लापता हैं। रिपोर्ट के अनुसार, लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण खदान के मलबे का विशाल ढेर अचानक ढह गया, जिससे वहां जेड के टुकड़े तलाश रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए।

रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार देर रात करीब 20 लोग फ्लडलाइट की रोशनी में खदान के मलबे में कीमती पत्थरों के छोटे-छोटे टुकड़े खोज रहे थे। तभी कई दिनों की भारी बारिश से कमजोर हो चुके मलबे का ढेर अचानक ढह गया और सभी लोग उसके नीचे दब गए।

रिपोर्ट के अनुसार, अब तक पांच शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि करीब 15 लोगों की तलाश के लिए राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। बचाव दल मलबा हटाकर लापता लोगों को खोजने में जुटे हुए हैं।

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म्यांमार दुनिया में जेडाइट का सबसे बड़ा उत्पादक देश माना जाता है। यह पत्थर एशियाई देशों, विशेषकर चीन, में अत्यधिक मूल्यवान और शुभ माना जाता है। हालांकि, यहां खनन का बड़ा हिस्सा अनियमित और असुरक्षित तरीके से होता है, जिसके कारण हर वर्ष विशेषकर मानसून के दौरान ऐसे हादसे सामने आते रहते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, खदानों में असुरक्षित खुदाई, कमजोर ढांचों और मलबे के बड़े ढेरों के कारण बारिश के समय भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसके अलावा, हपाकांत क्षेत्र में हाल के महीनों में म्यांमार की सेना और विद्रोही संगठनों के बीच जेड खदानों पर नियंत्रण को लेकर भीषण संघर्ष भी जारी रहा है।

गौरतलब है कि वर्ष 2021 में आंग सान सू ची की निर्वाचित सरकार का तख्तापलट होने के बाद से म्यांमार गृहयुद्ध की स्थिति से गुजर रहा है, जिसका असर खनन उद्योग पर भी पड़ रहा है।

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