दतिया बवाल के बाद नरोत्तम मिश्रा की पहली प्रतिक्रिया, कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील
दतिया उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद हुए बवाल पर नरोत्तम मिश्रा ने पहली प्रतिक्रिया देते हुए कार्यकर्ताओं से शांत रहने और विरोध-प्रदर्शन से बचने की अपील की।
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद उनके समर्थकों द्वारा किए गए हंगामे पर भाजपा नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार के हिंसक विरोध से दूर रहने की अपील की है।
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो देखे हैं, जिनमें कुछ कार्यकर्ता पेट्रोल और मिट्टी का तेल लेकर विरोध करते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसा कोई भी कार्य नहीं किया जाना चाहिए और पार्टी के निर्णय के खिलाफ इस तरह का प्रदर्शन उचित नहीं है।
उन्होंने कहा, "मैं सभी कार्यकर्ताओं से निवेदन करता हूं कि मैंने सोशल मीडिया पर जो दृश्य देखे हैं, उनमें कुछ लोग पेट्रोल और मिट्टी का तेल डालते नजर आ रहे हैं। ऐसा कोई कार्य न करें। जैसा मैंने पहले भी कहा था, सड़क जाम नहीं करनी है। पार्टी के मंच पर अपनी बात रखने का एक तरीका होता है, इस प्रकार विरोध व्यक्त नहीं किया जाता।"
दरअसल, भाजपा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं देकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी के इस फैसले से नाराज समर्थक सड़कों पर उतर आए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान समर्थकों ने पुलिस पर पथराव किया, कुछ पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (झांसी-दिल्ली हाईवे) को जाम कर दिया। इससे कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
नरोत्तम मिश्रा लंबे समय से दतिया क्षेत्र से भाजपा के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। उनके समर्थकों के विरोध ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अब सबकी नजर भाजपा नेतृत्व पर है कि वह इस पूरे घटनाक्रम को किस तरह संभालता है और आगे क्या निर्णय लेता है।