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नेपाल में बाढ़ से मृतकों की संख्या 903 पहुंची, 4 हजार से ज्यादा लापता; बालेन शाह ने बताया अकल्पनीय त्रासदी

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से मृतकों की संख्या 903 हो गई है। चार हजार से अधिक लोग लापता हैं। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने इसे अकल्पनीय और हृदयविदारक आपदा बताया।

नेपाल में विनाशकारी अचानक आई बाढ़ के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, देश में बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 903 हो गई है, जबकि चार हजार से अधिक लोग अब भी लापता हैं। इनमें करीब 320 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। लगातार खराब मौसम और नए बाढ़ के अलर्ट के कारण राहत एवं बचाव अभियान में भी मुश्किलें आ रही हैं।

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, चितवन से 272, नवलपरासी पूर्व से 207, नवलपरासी पश्चिम से 151 और गोरखा से 62 शव बरामद किए गए हैं। इसके अलावा नुवाकोट से 95, धादिंग से 55, तनहूं से 37 और रसुवा से 24 शव बरामद हुए हैं।

स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने नया अलर्ट जारी किया है। रविवार को लोगों के मोबाइल फोन पर चेतावनी भेजी गई, जिसमें भोतेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने की जानकारी दी गई। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

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रविवार को त्रिशूली नदी में भी अचानक बाढ़ आने की सूचना मिली। तेज बहाव में गंडकी प्रांत के गोरखा जिले की गंडकी ग्रामीण नगरपालिका-8 के घ्यालचोक को पृथ्वी राजमार्ग के चारौदी से जोड़ने वाला एक झूला पुल बह गया।

प्रधानमंत्री बालेन शाह ने इस त्रासदी को ‘अकल्पनीय और हृदयविदारक’ बताया। उन्होंने कहा कि खराब मौसम, दुर्गम इलाकों और लगातार बने जोखिमों के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की।

बालेन शाह ने कहा कि रसुवा में भोतेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ के कारण जान-माल और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का पूरा आकलन करना बेहद कठिन है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नागरिकों की जान बचाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य पूरी दृढ़ता से जारी रहेगा।

बढ़ती मौतों के बीच नेपाल के शवगृहों में भी जगह कम पड़ने लगी है। अधिकारियों ने अज्ञात और लावारिस शवों के डीएनए नमूने सुरक्षित रखने के बाद उन्हें दफनाने का फैसला किया है, ताकि भविष्य में उनकी पहचान की जा सके।

नेपाल ने अब विदेशी सहायता भी स्वीकार कर ली है। भारत की राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और विशेष फॉरेंसिक टीम नेपाल में राहत कार्यों तथा मृतकों की पहचान में मदद कर रही है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, टीम डीएनए नमूनों के विश्लेषण और शवों की पहचान में नेपाली अधिकारियों की सहायता कर रही है।

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