बाढ़ प्रभावित नेपाल को अमेरिका ने दी 36 लाख डॉलर से अधिक की मानवीय सहायता
अमेरिका ने विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित नेपाल के लोगों के लिए 36 लाख डॉलर से अधिक की मानवीय सहायता उपलब्ध कराई है। राहत सामग्री हजारों परिवारों तक पहुंचाई जा रही है
अमेरिका ने विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित नेपाल के लोगों के लिए 36 लाख डॉलर से अधिक की मानवीय सहायता देने की घोषणा की है। इसमें 10 हजार तक बाढ़ प्रभावित परिवारों को तीन महीने तक आपातकालीन खाद्य सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी शामिल है। काठमांडू स्थित अमेरिकी दूतावास ने रविवार को यह जानकारी दी।
अमेरिकी दूतावास ने कहा कि वह नेपाल सरकार और मानवीय सहायता संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि बुधवार को आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा सके। इस प्राकृतिक आपदा में सैकड़ों लोगों की जान गई है, जबकि हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
दूतावास ने कहा कि अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। नेपाल और चीन स्थित अमेरिकी दूतावास अमेरिकी नागरिकों की सहायता करने के साथ-साथ आपदा राहत प्रयासों में भी सहयोग कर रहे हैं।
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अमेरिका की ओर से दी जा रही सहायता में आपातकालीन खाद्य सामग्री सहित जीवन रक्षक राहत सामग्री शामिल है। अमेरिकी दूतावास ने बताया कि नेपाल सरकार के अनुरोध पर बाढ़ प्रभावित समुदायों के लिए आवश्यक सामान भेजने का काम गुरुवार से शुरू कर दिया गया था।
अमेरिकी प्रभारी राजदूत स्कॉट अर्बोम ने 28 अगस्त को अमेरिका से नेपाल के लिए आपातकालीन राहत सामग्री की पहली खेप रवाना की थी। कैथोलिक रिलीफ सर्विसेज ने अपने सहयोगी संगठन कैरिटास नेपाल के माध्यम से रसुवा जिले के दो स्कूलों में 2.5 टन से अधिक खाद्य सामग्री, 500 कंबल, 500 मच्छरदानी और अस्थायी आश्रयों में फर्श के लिए 500 इंसुलेटिंग फोम शीट पहुंचाईं।
दूतावास ने कहा कि नेपाल की जरूरतों के आधार पर आगे की राहत खेप तैयार करने और भेजने के लिए नेपाल सरकार, कैथोलिक रिलीफ सर्विसेज और कैरिटास नेपाल के साथ समन्वय किया जा रहा है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने 26 अगस्त को कैथोलिक रिलीफ सर्विसेज के साथ वैश्विक सहायता कार्यक्रम के तहत शुरुआती 5 लाख डॉलर की सहायता की घोषणा की थी। यह राशि आपातकालीन आश्रय, राहत सामग्री तथा स्वच्छ पानी, स्वच्छता और साफ-सफाई संबंधी जरूरतों के लिए दी गई है।
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन से भारी मात्रा में पानी, कीचड़ और मलबा नीचे की ओर बहा। इससे मध्य नेपाल के कई कस्बे और गांव तबाह हुए, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए तथा जलविद्युत ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा।
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