केरल में जन्मीं नित्या रमन लॉस एंजिलिस के मेयर चुनाव में आगे, जीतने पर रचेंगी इतिहास
केरल में जन्मीं नित्या रमन लॉस एंजिलिस मेयर चुनाव में करेन बैस से आगे बताई जा रही हैं। जीतने पर वह पहली भारतीय-अमेरिकी मेयर बन सकती हैं।
केरल में जन्मीं नित्या रमन अमेरिका के लॉस एंजिलिस शहर के मेयर चुनाव में मौजूदा मेयर करेन बैस से आगे चल रही हैं। तीन नवंबर को होने वाले चुनाव में जीतने पर वह शहर की पहली भारतीय-अमेरिकी मेयर बन सकती हैं। एक टेलीविजन बहस के बाद सामने आए सर्वेक्षण में भी उन्हें बढ़त मिली है।
कौन हैं नित्या रमन?
नित्या रमन का जन्म 28 जुलाई 1981 को केरल में हुआ था। छह वर्ष की उम्र में वह अपने परिवार के साथ अमेरिका चली गई थीं। उन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय से राजनीतिक सिद्धांत में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से शहरी नियोजन में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की।
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लॉस एंजिलिस जाने से पहले रमन भारत में रहीं और चेन्नई में ‘ट्रांसपेरेंट चेन्नई’ नामक गैर-लाभकारी शोध संस्था की स्थापना की। यह संगठन आंकड़ों और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से वंचित समुदायों की समस्याओं को सामने लाने के लिए काम करता था।
2014 में लॉस एंजिलिस पहुंचने के बाद उन्होंने शहर के प्रशासनिक अधिकारी के कार्यालय में काम किया। 2017 में उन्होंने ‘सेलाह नेबरहुड होमलेस कोएलिशन’ की स्थापना की, जो बेघर लोगों की सहायता के लिए काम करता है।
रमन ने 2020 में बेघर लोगों की समस्या को प्रमुख मुद्दा बनाकर चुनावी राजनीति में कदम रखा। उन्होंने लॉस एंजिलिस नगर परिषद की सीट जीती और नैन्सी पेलोसी तथा हिलेरी क्लिंटन के समर्थन वाले उम्मीदवार को हराया। वह 17 वर्षों में किसी मौजूदा नगर पार्षद को हराने वाली पहली उम्मीदवार बनीं।
सर्वेक्षण में कितनी बढ़त?
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले के इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नमेंटल स्टडीज के 15 से 20 सितंबर के सर्वेक्षण में 39 प्रतिशत मतदाताओं ने रमन का समर्थन किया, जबकि 28 प्रतिशत ने करेन बैस को पसंद किया। करीब एक-तिहाई मतदाता अनिर्णीत थे।
रमन ने लॉस एंजिलिस में बेघर लोगों की बढ़ती संख्या पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर को अधिक व्यवस्थित, किफायती और सभी के लिए स्वागतयोग्य बनाने की जरूरत है। उन्होंने बैस से पूछा कि बॉयल हाइट्स के निवासियों को मदद के लिए मेयर का निजी फोन नंबर क्यों चाहिए। रमन ने कहा कि शहर में बार-बार यह सवाल उठता है—“हमारी मेयर कहां हैं?”
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