सऊदी अरब पर हूती हमले से पाकिस्तान चिंतित, ईरान को दी कड़ी चेतावनी
सऊदी अरब पर हूती हमले के बाद पाकिस्तान ने ईरान को चेतावनी दी और हूतियों पर प्रभाव इस्तेमाल करने को कहा। रक्षा समझौते के तहत जवाबी कार्रवाई की बात कही।
मध्य पूर्व में बढ़ती हूती गतिविधियों और सऊदी अरब पर हालिया हमलों के बीच पाकिस्तान ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। पाकिस्तान ने तेहरान से हूती विद्रोहियों पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए सऊदी अरब के खिलाफ आगे के हमले रोकने की अपील की है। इस चेतावनी में पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ अपने रक्षा समझौते का भी हवाला दिया है।
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने पिछले महीने मक्का में एक त्रिपक्षीय रक्षा समझौता किया था। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि यह समझौता रक्षात्मक प्रकृति का है। इसके तहत तीनों देशों में से किसी एक पर बिना उकसावे के हमला होने पर इसे सभी के खिलाफ हमला माना जाएगा।
एक साक्षात्कार में आसिफ ने कहा कि अगर यमन से संघर्ष फैलकर सऊदी अरब तक पहुंचता है या सऊदी क्षेत्र पर हमला होता है, तो मक्का रक्षा गठबंधन निश्चित रूप से सक्रिय किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि समझौते की शर्तों के तहत पाकिस्तान जरूरत पड़ने पर अपनी जिम्मेदारी निभाएगा।
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हालिया हूती हमले में सऊदी अरब में 73 लोगों के घायल होने की खबर है। इसके जवाब में सऊदी अरब ने यमन में हवाई हमले किए। इसी घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान ने अपने रक्षा समझौते को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
इस बीच हूती विद्रोहियों ने यमन के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मोखा शहर पर नियंत्रण कर लिया है। लाल सागर के पास स्थित मोखा पर नियंत्रण से हूतियों की बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य तक पहुंच मजबूत हो सकती है। यह जलमार्ग लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
बाब अल-मंदेब क्षेत्र में बढ़ता तनाव वैश्विक समुद्री व्यापार और जहाजरानी को प्रभावित कर सकता है। मोखा पर हूती नियंत्रण को इसलिए केवल स्थानीय घटनाक्रम नहीं माना जा रहा है।
हूतियों को लंबे समय से ईरान का समर्थन मिलने के आरोप लगते रहे हैं। इसी कारण पाकिस्तान ने सीधे ईरान से हूती गतिविधियों पर लगाम लगाने को कहा है। अब नजर इस बात पर है कि ईरान पाकिस्तान की चेतावनी पर क्या प्रतिक्रिया देता है और हूती आगे क्या कदम उठाते हैं।
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