ईरान से समझौते को लेकर ट्रंप ने दिए सकारात्मक संकेत, ओबामा प्रशासन पर साधा निशाना
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते को सकारात्मक बताया, लेकिन कहा कि अमेरिका की शर्तें नहीं मानी गईं तो कोई समझौता नहीं होगा।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ होने वाला समझौता “बेहतरीन और सार्थक” होगा, लेकिन अगर ईरान अमेरिका की शर्तों को स्वीकार नहीं करता है तो कोई समझौता नहीं होगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि संभावित समझौता 2015 में बराक ओबामा प्रशासन द्वारा किए गए जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (JCPOA) जैसा नहीं होगा। उन्होंने ओबामा सरकार के उस समझौते को “विनाशकारी” बताते हुए कहा कि उसने ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने का खुला रास्ता दिया था।
ट्रंप ने कहा, “ईरान के साथ समझौता या तो शानदार और अर्थपूर्ण होगा, या फिर कोई समझौता नहीं होगा। यह ओबामा प्रशासन द्वारा किए गए JCPOA समझौते के बिल्कुल उलट होगा।”
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उन्होंने डेमोक्रेटिक नेताओं पर भी हमला बोला और कहा कि वे लगातार गलत नीतियों का समर्थन करते रहे हैं। ट्रंप ने आरोप लगाया कि डेमोक्रेट केवल विभाजन और नुकसान पैदा करते हैं और उन्हें संभावित समझौते की गंभीरता का अंदाजा नहीं है।
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से तनाव और संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। हालांकि अब दोनों पक्ष संघर्ष समाप्त करने को लेकर बातचीत कर रहे हैं। ईरान का परमाणु कार्यक्रम अभी भी दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है।
ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल नागरिक उपयोग के लिए है, जबकि अमेरिका और इजरायल का आरोप है कि तेहरान परमाणु हथियार विकसित कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते और युद्धविराम को दो महीने और बढ़ाने को लेकर प्रगति हुई है।
बताया जा रहा है कि संभावित समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने, ईरान पर लगे कुछ प्रतिबंधों में राहत और अमेरिकी बैंकों में फंसी संपत्तियों को मुक्त करने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।
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