अमेरिका में दो इजरायली राजनयिकों की हत्या मामला, आरोपी पर आतंकवाद के नए आरोप
अमेरिका में दो इजरायली राजनयिकों की हत्या के आरोपी पर आतंकवाद के नए आरोप लगाए गए। कई धाराओं में मौत या उम्रकैद की सजा संभव है, घटना की वैश्विक निंदा हुई।
अमेरिका में दो इजरायली राजनयिकों की हत्या के मामले में आरोपी पर आतंकवाद से जुड़े नए आरोप लगाए गए हैं। वॉशिंगटन डी.सी. में पिछले साल हुई इस घटना के आरोपी एलियास रोड्रिगेज के खिलाफ चार अतिरिक्त आतंकवाद से संबंधित धाराएं जोड़ी गई हैं। बुधवार (4 फरवरी 2026) को जारी नए अभियोग में कुल नौ आरोप शामिल हैं, जिनमें पहले लगाए गए घृणा अपराध (हेट क्राइम) भी शामिल हैं। अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के अनुसार, इनमें से कई आरोपों में अधिकतम सजा मौत या आजीवन कारावास हो सकती है।
अमेरिकी अटॉर्नी जीनिन फेरिस पिरो ने कहा कि नए आतंकवाद संबंधी आरोपों के तहत अनिवार्य रूप से उम्रकैद की सजा का प्रावधान है और यह स्पष्ट करता है कि यह घटना वास्तव में एक आतंकवादी हमला थी।
अभियोजकों के मुताबिक, 31 वर्षीय एलियास रोड्रिगेज ने अमेरिकन ज्यूइश कमेटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम से निकल रहे लोगों पर सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल से करीब 20 गोलियां चलाईं। गोलीबारी के दौरान उसने “फ्री फिलिस्तीन” के नारे लगाए थे।
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इस हमले में वॉशिंगटन स्थित इजरायली दूतावास के कर्मचारी यारोन लिशिंस्की (30) और सारा लिन मिलग्रम (26) की मौत हो गई थी। एफबीआई के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने अपने कृत्य को “नैतिक रूप से सही” ठहराने और दूसरों को राजनीतिक हिंसा के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से एक घोषणापत्र भी लिखा था।
यह घटना गाजा युद्ध को लेकर अमेरिका में बढ़ते ध्रुवीकरण और छात्र विरोध प्रदर्शनों के बीच हुई थी। इस हमले की विश्वभर के नेताओं ने कड़ी निंदा की थी।
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