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ईरान युद्ध में अमेरिका को 240 मिलियन डॉलर का सबसे महंगा नुकसान, F-35 नहीं बल्कि ड्रोन गिरा

ईरान संघर्ष के दौरान अमेरिका का 240 मिलियन डॉलर का MQ-4C ट्राइटन ड्रोन फारस की खाड़ी में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। यह अत्याधुनिक निगरानी विमान अमेरिकी नौसेना का महत्वपूर्ण उपकरण था।

पश्चिम एशिया में ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के दौरान अमेरिका को भारी सैन्य नुकसान हुआ है, जिसमें कई एफ-35 लड़ाकू विमान भी शामिल बताए जा रहे हैं। लेकिन सबसे महंगा नुकसान अमेरिकी नौसेना के अत्याधुनिक एमक्यू-4सी ट्राइटन (MQ-4C Triton) निगरानी ड्रोन के रूप में सामने आया है, जिसकी कीमत 200 मिलियन डॉलर से अधिक बताई जाती है।

अमेरिकी नेवल सेफ्टी कमांड के अनुसार यह ड्रोन 9 अप्रैल को दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें किसी भी कर्मी को चोट नहीं आई। हादसे की रिपोर्ट में बताया गया कि यह उच्च ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ान भरने वाला मानव रहित विमान था, जो फारस की खाड़ी में गिर गया।

इस घटना को “क्लास ए” दुर्घटना के रूप में दर्ज किया गया है, जो तब माना जाता है जब किसी विमान का पूरा नुकसान हो जाए या क्षति 2.5 मिलियन डॉलर से अधिक हो। रिपोर्ट के अनुसार इस ड्रोन की कीमत लगभग 240 से 250 मिलियन डॉलर थी।

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रिपोर्टों के मुताबिक, यह ड्रोन 9 अप्रैल को होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर उड़ान भरते समय अचानक आपात संकेत (7700 कोड) भेजने लगा और फिर ईरान की दिशा में मुड़कर तेजी से नीचे आने लगा। इसके बाद यह रडार से गायब हो गया।

एमक्यू-4सी ट्राइटन अमेरिका की सबसे उन्नत समुद्री निगरानी प्रणालियों में से एक है। इसे नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन कंपनी ने बनाया है और यह 50,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर 24 घंटे से ज्यादा समय तक लगातार उड़ान भर सकता है। इसकी रेंज लगभग 7,400 नॉटिकल मील है।

यह ड्रोन 360 डिग्री मल्टी-सेंसर सिस्टम से लैस है, जो समुद्री क्षेत्रों में व्यापक निगरानी और खतरे की पहचान करने में सक्षम है। यह अमेरिकी नौसेना के P-8A पोसाइडन विमान के साथ मिलकर काम करता है।

2025 तक अमेरिकी नौसेना के पास ऐसे 20 ड्रोन थे और 7 और खरीदने की योजना है।

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