अमेरिका ने रूसी और ईरानी तेल छूट खत्म करने का फैसला किया, भारत पर पड़ सकता है असर
अमेरिका ने रूसी और ईरानी तेल पर दी गई छूट खत्म करने का फैसला किया है। इससे भारत की तेल आपूर्ति और ऊर्जा रणनीति पर प्रभाव पड़ने की संभावना है।
अमेरिका ने रूस और ईरान से समुद्री मार्ग के जरिए तेल खरीदने पर दी जा रही छूट को आगे न बढ़ाने का फैसला किया है, जिसका असर भारत समेत कई देशों पर पड़ सकता है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया है कि यह छूट अब समाप्त कर दी जाएगी।
एक साक्षात्कार में बेसेंट ने कहा कि यह छूट केवल कमजोर और गरीब देशों के अनुरोध पर दी गई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि रूसी तेल की आपूर्ति पहले ही काफी हद तक खत्म हो चुकी है, जबकि ईरान पर कड़ी नाकेबंदी जारी है। उनके अनुसार, आने वाले दिनों में ईरान को तेल उत्पादन कम करना पड़ सकता है, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
गौरतलब है कि मार्च में अमेरिका ने 30 दिनों की अस्थायी छूट दी थी, जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था। इस कदम से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया था और कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई थी। बाद में 17 अप्रैल को अमेरिका ने इस छूट को 16 मई तक बढ़ा दिया था, लेकिन अब इसे आगे जारी नहीं रखने का निर्णय लिया गया है।
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इस फैसले का सबसे बड़ा असर भारत पर पड़ सकता है, जो रूस से तेल खरीदने वाले प्रमुख देशों में शामिल है। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने मार्च 2026 में रूस से 5.3 अरब यूरो से अधिक का कच्चा तेल खरीदा था, जो उसकी कुल आयात का बड़ा हिस्सा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से भारत की ऊर्जा रणनीति और तेल आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है।
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