अमेरिका का यू-टर्न, रूस से तेल खरीद पर प्रतिबंध छूट फिर बहाल; भारत को राहत
अमेरिका ने रूस से तेल खरीद पर प्रतिबंध छूट फिर बहाल की, जिससे भारत सहित कई देशों को राहत मिली है और वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता की उम्मीद बढ़ी है।
वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा यू-टर्न लेते हुए प्रतिबंध छूट (सैंक्शन वेवर) को फिर से बहाल कर दिया है। इस फैसले के तहत अब देशों को समुद्र में मौजूद जहाजों से रूस का कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने की अनुमति मिल गई है। यह कदम कई देशों, खासकर भारत के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
अमेरिकी वित्त विभाग ने यह लाइसेंस जारी किया, जिसके अनुसार देश 16 मई तक जहाजों पर लदा रूसी तेल खरीद सकते हैं। यह निर्णय ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में जारी तनाव और यूएस-इज़राइल-ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई हुई है।
कुछ दिन पहले ही अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा था कि ट्रंप प्रशासन इस अस्थायी छूट को आगे नहीं बढ़ाएगा। यह छूट 11 अप्रैल को समाप्त हो गई थी। अमेरिका का कहना था कि यह कदम रूस को आर्थिक रूप से अधिक लाभ नहीं देगा, लेकिन इससे रूस-यूक्रेन युद्ध को अप्रत्यक्ष समर्थन मिल सकता है।
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हालांकि अब इस फैसले में बदलाव करते हुए अमेरिका ने छूट को पुनः लागू कर दिया है, जिससे भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों को राहत मिली है।
भारत रूस से कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदारों में से एक है। रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 में भारत ने रूस से तेल आयात में फिर से बढ़ोतरी की और यह 5.3 अरब यूरो तक पहुंच गया, जो फरवरी की तुलना में तीन गुना से अधिक है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत मार्च में रूस से ऊर्जा खरीदने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश रहा, जहां 91 प्रतिशत खरीद कच्चे तेल की थी।
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