विश्व आर्थिक मंच 2026: भारत-ईयू के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौते के करीब, डावोस में ट्रंप का ग्रीनलैंड पर दबाव
डावोस में WEF 2026 के दौरान भारत-ईयू व्यापार समझौता अंतिम चरण में है, जबकि ट्रंप के ग्रीनलैंड पर दबाव और टैरिफ धमकियों ने यूरोप-अमेरिका संबंधों में तनाव बढ़ाया।
विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 के दौरान डावोस में वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था से जुड़े बड़े मुद्दे छाए रहे। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यूरोपीय संघ भारत के साथ एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बेहद करीब पहुंच गया है। उन्होंने इसे दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताया और कहा कि यह समझौता वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूती देगा।
इस बीच चीन के उप-प्रधानमंत्री ने कहा कि डावोस की दुनिया “जंगल के कानून” की ओर वापस नहीं जा सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन ने कभी जानबूझकर व्यापार अधिशेष नहीं अपनाया और वह दुनिया का बाजार भी बनने को तैयार है तथा दुनिया की फैक्ट्री भी। उनके अनुसार, खुले और नियम-आधारित वैश्विक व्यापार से ही स्थिरता और विकास संभव है।
डावोस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी चर्चा के केंद्र में रहे। उन्होंने मंगलवार (20 जनवरी 2026) को कहा कि वह इस सप्ताह “विभिन्न पक्षों” के साथ ग्रीनलैंड को लेकर बैठक पर सहमत हो गए हैं। ट्रंप, डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड को नाटो सहयोगी से अपने नियंत्रण में लेने की मांग को लेकर यूरोपीय नेताओं पर दबाव बढ़ा रहे हैं।
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हालांकि ट्रंप का WEF में औपचारिक आगमन बुधवार (21 जनवरी) को होना था, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर कई पोस्ट कर एजेंडा तय कर दिया। उन्होंने नाटो प्रमुख मार्क रूटे के साथ ग्रीनलैंड पर “बेहद अच्छी” बातचीत का दावा किया।
यूरोप, ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड विवाद के चलते आठ यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी के बाद जवाबी कदमों पर विचार कर रहा है। वहीं वाशिंगटन ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार के प्रतिशोधी शुल्क “अविवेकपूर्ण” होंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने ट्रांस-अटलांटिक गठबंधन को एक कठिन परीक्षा में डाल दिया है।
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