पश्चिम एशिया युद्ध: ईरान पर कभी न देखे गए आर्थिक कदम उठाएगा अमेरिका, होर्मुज में नाकाबंदी जारी रखने की धमकी
अमेरिका ने ईरान पर अभूतपूर्व आर्थिक दबाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखने की चेतावनी दी है। तेल आपूर्ति घटने से वैश्विक तनाव और बढ़ गया है।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान पर अब तक के सबसे कड़े आर्थिक कदम उठाने की चेतावनी दी है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को कहा कि वॉशिंगटन ईरान के खिलाफ ऐसे उपाय लागू करने की तैयारी कर रहा है, जो पहले कभी नहीं देखे गए।
बेसेंट के अनुसार, अमेरिका ईरान को अभूतपूर्व आर्थिक अलगाव का सामना कराने के साथ-साथ होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य ईरानी बंदरगाहों से सामान और संसाधनों की आवाजाही को रोकना है।
अमेरिका ने गुरुवार को ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी अनिश्चितकाल तक जारी रखने की भी धमकी दी। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब युद्धविराम वार्ता आगे नहीं बढ़ पा रही है, वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है और क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा है।
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अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान की नाकाबंदी लागू कराने के लिए क्षेत्र में अपनी नौसैनिक मौजूदगी लंबे समय तक बनाए रख सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना जरूरत के अनुसार अपने युद्धपोतों को बदलती रहेगी और इस तरह नाकाबंदी को अनिश्चितकाल तक जारी रखा जा सकता है।
अमेरिका पहले ही ईरान और उन व्यक्तियों तथा संस्थाओं पर आर्थिक प्रतिबंध कड़े कर चुका है, जिन पर ईरान को हथियार हासिल करने में मदद करने का आरोप है।
इस बीच, गुरुवार शाम संयुक्त अरब अमीरात की सरकारी तेल कंपनी अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के दो जहाजों पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय हमला किया गया। संयुक्त अरब अमीरात की सरकारी एजेंसी डब्ल्यूएएम ने इसकी जानकारी दी।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का कच्चा तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस इसी मार्ग से होकर गुजरती थी।
ईरान ने रणनीतिक जलमार्ग पर नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश की है और वहां से गुजरने वाले कुछ जहाजों को निशाना भी बनाया है। वहीं, युद्ध खत्म करने के लिए जून में प्रस्तावित समझौता अब कमजोर पड़ चुका है।
तेल आपूर्ति में कमी और जहाजों पर हमलों के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में अमेरिका की अनिश्चितकालीन नाकाबंदी की चेतावनी से पश्चिम एशिया में सैन्य और आर्थिक तनाव और गहराने की आशंका है।
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