पश्चिम बंगाल: 4.98 लाख मतदाता SIR सुनवाई में नहीं पहुंचे, 1.63 लाख को अयोग्य चिन्हित किया गया
पश्चिम बंगाल में SIR सुनवाई में 4.98 लाख मतदाता अनुपस्थित रहे और 1.63 लाख को त्रुटियों के कारण अयोग्य घोषित किया गया, प्रक्रिया सात दिन बढ़ाई गई थी।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने शनिवार (14 फरवरी 2026) को बताया कि राज्य में विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) की सुनवाईयों में 4.98 लाख मतदाता उपस्थित नहीं हुए। इसके अलावा, 1.63 लाख मतदाताओं को त्रुटियों के कारण ‘अयोग्य’ (ineligible) घोषित किया गया है।
यह जानकारी उसी दिन सामने आई है जब SIR सुनवाईयों को औपचारिक रूप से पूरा किया गया, जो कि चुनाव आयोग (Election Commission – EC) द्वारा दी गई सात-दिन की विस्तार अवधि के बाद हुई। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में सुधार और संशोधन के लिए यह विशेष गहन प्रक्रिया शुरू की थी, ताकि आगामी चुनावों में मतदाता सूची सटीक और विश्वसनीय हो।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि बार-बार नोटिस और सम्मन भेजे जाने के बावजूद इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं का अनुपस्थित रहना चिंता का विषय है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि अयोग्य घोषित मतदाताओं में अधिकतर नाम, जन्मतिथि या पते में त्रुटियों के कारण सूची से हटाए गए।
और पढ़ें: जयशंकर ने खारिज किया भारत की रणनीतिक स्वायत्तता खोने का दावा
SIR सुनवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मतदाता सूची में केवल योग्य और सही विवरण वाले मतदाता शामिल हों। इस प्रक्रिया में मतदाता स्वयं अपनी पात्रता की पुष्टि कर सकते थे और यदि कोई त्रुटि पाई जाती, तो उसे सुधारने का अवसर मिलता।
राज्य में यह प्रक्रिया चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार पूरी की गई है और अब आगामी चुनावों में इस संशोधित सूची का उपयोग किया जाएगा।