व्हाट्सऐप ने पेश किया हाई-सिक्योरिटी मोड, यूज़र्स को मिलेगा हैकर्स से मजबूत संरक्षण
व्हाट्सऐप ने “Strict Account Settings” नाम से हाई-सिक्योरिटी मोड लॉन्च किया, जो अनजान कॉन्टैक्ट्स से मीडिया, लिंक प्रीव्यू और कॉल्स रोककर पत्रकारों व उच्च जोखिम वाले यूज़र्स को बेहतर सुरक्षा देगा।
मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप ने यूज़र्स के लिए एक नया एडवांस्ड सिक्योरिटी फीचर लॉन्च किया है, जिसके तहत अब उन्हें हैकिंग और साइबर जासूसी से कहीं ज्यादा मजबूत सुरक्षा मिलेगी। मेटा के स्वामित्व वाला यह प्लेटफॉर्म अमेरिका की उन प्रमुख टेक कंपनियों की सूची में शामिल हो गया है, जो अधिक सख्त अनुभव के बदले यूज़र्स को अतिरिक्त सुरक्षा विकल्प दे रही हैं।
यह नया विकल्प “Strict Account Settings” नाम से मंगलवार को रोलआउट किया गया है। यह व्हाट्सऐप की सेटिंग्स में एक सिंगल-क्लिक बटन के रूप में उपलब्ध होगा, जिसे सक्रिय करते ही कई सुरक्षा उपाय एक साथ लागू हो जाएंगे। इन उपायों में अनजान नंबरों से भेजी गई मीडिया फाइल्स और अटैचमेंट को ब्लॉक करना, लिंक प्रीव्यू (यानी यूआरएल डालने पर दिखने वाली थंबनेल इमेज) को बंद करना और अनजान कॉन्टैक्ट्स से आने वाली कॉल्स को म्यूट करना शामिल है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ये तीनों फीचर निगरानी और उन्नत हैकिंग हमलों के संभावित रास्ते माने जाते हैं।
व्हाट्सऐप ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि सभी यूज़र्स की बातचीत पहले से ही एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित है, लेकिन कुछ यूज़र्स—जैसे पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता या सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग—को अत्यधिक उन्नत और दुर्लभ साइबर हमलों से बचाव के लिए अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत हो सकती है।
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मेटा प्लेटफॉर्म्स इस तरह का सिक्योरिटी बूस्ट देने वाली तीसरी बड़ी टेक कंपनी बन गई है। इससे पहले 2022 में एप्पल ने “Lockdown Mode” लॉन्च किया था, जो iPhone और macOS पर उपलब्ध है और संदेशों के अटैचमेंट, लिंक प्रीव्यू, फेसटाइम कॉल्स और वेब ब्राउज़िंग पर कड़े प्रतिबंध लगाता है। वहीं, पिछले साल गूगल की एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम में “Advanced Protection Mode” पेश किया गया था, जो उच्च सुरक्षा जागरूकता वाले यूज़र्स के लिए बनाया गया है और प्ले स्टोर के बाहर से ऐप डाउनलोड करने पर रोक लगाता है।
साइबर हमलों से नागरिक समाज से जुड़े लोगों की रक्षा करने वाले एक शोधकर्ता ने व्हाट्सऐप के इस कदम को “बेहद स्वागतयोग्य” बताया। टोरंटो विश्वविद्यालय के द सिटिजन लैब से जुड़े जॉन स्कॉट-रेलटन ने कहा कि यह फीचर असंतुष्टों और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा में मदद करेगा और अन्य टेक कंपनियों को भी सुरक्षा मानक बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में और कंपनियां ऐसे कदम उठाएंगी।
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