8वें वेतन आयोग में बड़ा प्रस्ताव: न्यूनतम वेतन ₹69,000 और 6% वार्षिक वृद्धि की सिफारिश
8वें वेतन आयोग के लिए न्यूनतम वेतन ₹69,000 और 6% वार्षिक वृद्धि का प्रस्ताव दिया गया। ओपीएस बहाली समेत कई बदलाव सुझाए गए, अंतिम फैसला सरकार करेगी।
8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर बड़ी खबर सामने आई है, जहां नेशनल काउंसिल (जॉइंट कंसल्टेटिव मैकेनिज्म) यानी एनसी-जेसीएम की ड्राफ्ट कमेटी ने अपनी सिफारिशें प्रस्तुत कर दी हैं। 51 पन्नों के इस प्रस्ताव में सरकारी कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं में बड़े बदलाव की मांग की गई है।
सबसे अहम सिफारिश न्यूनतम बेसिक वेतन को 18,000 रुपये से बढ़ाकर 69,000 रुपये करने की है। इसके साथ ही 3.83 का फिटमेंट फैक्टर प्रस्तावित किया गया है, जिससे मौजूदा वेतन और पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। कमेटी ने यह भी सुझाव दिया है कि नई वेतन संरचना 1 जनवरी 2026 से लागू की जाए।
महंगाई को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों के लिए 6 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि की भी सिफारिश की गई है। इसके अलावा मौजूदा पे मैट्रिक्स को सरल बनाने का प्रस्ताव है, जिसमें 7वें वेतन आयोग के 18 स्तरों को घटाकर 7 स्तर करने की बात कही गई है, ताकि प्रमोशन में आसानी हो और कर्मचारियों को लंबे समय तक एक ही स्तर पर न रहना पड़े।
और पढ़ें: RCB की शानदार जीत, लखनऊ को 5 विकेट से हराकर अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंची
पेंशन के मोर्चे पर भी बड़े बदलाव सुझाए गए हैं। खासतौर पर 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को फिर से लागू करने की मांग की गई है। इसके अलावा पेंशन को अंतिम वेतन का 67 प्रतिशत और पारिवारिक पेंशन को 50 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।
कमेटी ने हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) बढ़ाने, बीमा कवर बेहतर करने, ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर मुआवजा बढ़ाने, मातृत्व अवकाश को 240 दिन करने और पितृत्व अवकाश बढ़ाने की भी सिफारिश की है।
हालांकि, ये सभी सिफारिशें अभी प्रस्ताव के रूप में हैं और अंतिम निर्णय केंद्र सरकार को लेना है।
और पढ़ें: सीमा निर्धारण पर संसद में आज जोरदार हंगामे के आसार, केंद्र- विपक्ष आमने-सामने