तृणमूल कांग्रेस अपनी दिशा खो चुकी है, हिंदुओं की सुरक्षा में विफल रही: असम इकाई प्रमुख पद छोड़ने वाले अभिजीत मजूमदार
असम टीएमसी प्रमुख पद से इस्तीफा देने वाले अभिजीत मजूमदार ने आरोप लगाया कि पार्टी अपनी मूल विचारधारा से भटक गई है और सभी समुदायों के बजाय वोट बैंक राजनीति पर केंद्रित हो गई है।
असम तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले अभिजीत मजूमदार ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस अपनी मूल विचारधारा और उद्देश्य से भटक गई है तथा अब वह सभी समुदायों का प्रतिनिधित्व करने के बजाय केवल एक विशेष वोट बैंक की राजनीति पर केंद्रित हो गई है।
अभिजीत मजूमदार ने अपने इस्तीफे के बाद जारी बयान में कहा कि पार्टी ने अपनी दूरदृष्टि खो दी है और अब यह एक संकीर्ण राजनीतिक संगठन बनकर रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी अब मुस्लिम वोट बैंक को साधने की राजनीति कर रही है, जबकि उसे सभी वर्गों और समुदायों के हितों के लिए काम करना चाहिए था।
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की सुरक्षा और उनके हितों की रक्षा करने में पार्टी विफल रही है। मजूमदार के अनुसार, जिस राजनीतिक सोच और सिद्धांतों के आधार पर उन्होंने पार्टी का साथ दिया था, वर्तमान में टीएमसी उनसे काफी दूर चली गई है।
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मजूमदार ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और सभी समुदायों के समान विकास की भावना को पार्टी ने पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेतृत्व अब केवल चुनावी लाभ को प्राथमिकता दे रहा है, जिससे संगठन की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है।
उनके इस्तीफे को असम में टीएमसी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके इस कदम से राज्य में पार्टी की संगठनात्मक स्थिति पर असर पड़ सकता है।
हालांकि, तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक अभिजीत मजूमदार के आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि संगठन सभी समुदायों के विकास और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है।
मजूमदार के इस्तीफे ने एक बार फिर टीएमसी की नीतियों और राजनीतिक रणनीति को लेकर बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी इस घटनाक्रम पर किस प्रकार प्रतिक्रिया देती है और असम में अपने संगठन को कैसे मजबूत बनाए रखती है।
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