तमिलों की आवाज उठाने वाले जुनूनी नेता थे वाइको: अखिलेश यादव का अंग्रेजी भाषण हुआ वायरल
अखिलेश यादव का वाइको की किताब के विमोचन कार्यक्रम में दिया गया अंग्रेजी भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उन्होंने वाइको को तमिलों का मजबूत नेता बताया।
समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव का एक अंग्रेजी भाषण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस भाषण में उन्होंने मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) के संस्थापक वाइको की जमकर प्रशंसा की और उन्हें तमिलों की आवाज उठाने वाला जुनूनी नेता बताया।
यह कार्यक्रम मंगलवार को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया (सीसीआई) में आयोजित किया गया था, जहां वाइको की किताब ‘वाइको इन पार्लियामेंट’ का विमोचन हुआ। इस अवसर पर कन्नौज से लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने अंग्रेजी में भाषण दिया, जिसमें उन्होंने वाइको के राजनीतिक योगदान को याद किया।
अखिलेश यादव ने वाइको और उनके बेटे को बधाई देते हुए कहा कि पूर्व राज्यसभा सांसद वाइको एक “जुनूनी नेता” हैं, जिन्होंने हमेशा तमिलनाडु के लोगों के मुद्दों को मजबूती से उठाया और संसद में उनकी आवाज को बुलंद किया।
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सपा प्रमुख ने कहा कि वाइको के भाषणों ने उन्हें भी प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि जब वह वाइको को तमिल भाषा में बोलते हुए सुनते थे तो उनके भाषण में लोगों के प्रति गहरी भावनाएं दिखाई देती थीं। अखिलेश ने कहा कि वाइको की शैली ने उन्हें उत्तर प्रदेश के लोगों की आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।
अखिलेश यादव ने वाइको की उम्र को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मंच पर उन्हें देखकर ऐसा लगता है कि “जैसा पिता वैसा बेटा”, लेकिन जब वाइको अपनी उम्र 82 वर्ष बताते हैं तो उन्हें विश्वास नहीं होता। उन्होंने कहा कि लाल टोपी में वाइको 82 नहीं बल्कि 28 साल के नजर आते हैं।
यह अखिलेश यादव के उन दुर्लभ मौकों में से एक था, जब उन्होंने किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में अंग्रेजी में भाषण दिया। उनके भाषण के बाद सोशल मीडिया पर उनकी अंग्रेजी बोलने की शैली और वाइको की प्रशंसा चर्चा का विषय बन गई।
इस कार्यक्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सीपीआई (एम) नेता एमए बेबी, सीपीआई नेता डी राजा और नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए।