स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली हाई अलर्ट पर, पाक समर्थित आतंकी और खालिस्तानी संगठनों से खतरे की आशंका
स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खुफिया इनपुट के बाद लाल किले समेत राजधानी के प्रमुख स्थानों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले राजधानी दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों और खालिस्तानी तत्वों से संभावित खतरे को देखते हुए राजधानी में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
15 अगस्त को लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में करीब 24 हजार मेहमानों के शामिल होने की संभावना है। समारोह की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस के लगभग 12 हजार जवान तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा कई केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां भी संयुक्त रूप से निगरानी करेंगी।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत लाल किले और उसके आसपास 1,000 से अधिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की मदद से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, भीड़ प्रबंधन और वास्तविक समय में निगरानी की जाएगी।
और पढ़ें: भारत-नेपाल सीमा पर सुस्ता में तनाव, नेपाली ग्रामीणों पर पथराव का आरोप; 150 से 200 लोगों पर एफआईआर
अधिकारियों ने बताया कि आयोजन स्थल पर प्रवेश नियंत्रण व्यवस्था, एंटी-सबोटाज जांच और सुरक्षा जांच को सख्त किया गया है। सुरक्षा घेरे में क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी), स्वाट कमांडो, स्नाइपर, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड को भी तैनात किया जाएगा।
राजधानी के प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठानों, संवेदनशील इलाकों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह बहुस्तरीय सुरक्षा योजना खुफिया सूचनाओं के आधार पर तैयार की गई है, ताकि स्वतंत्रता दिवस समारोह शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।
दिल्ली पुलिस ने की अहम बैठक
स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए दिल्ली पुलिस ने बुधवार को 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ अंतरराज्यीय समन्वय बैठक की।
बैठक की अध्यक्षता दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने की। इसमें हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड, बिहार, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ के पुलिस अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में आतंकी गतिविधियों से निपटने की तैयारी, सीमा निगरानी, संदिग्ध लोगों के सत्यापन और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि सभी एजेंसियां मिलकर स्वतंत्रता दिवस समारोह को सुरक्षित बनाने के लिए काम कर रही हैं।
और पढ़ें: अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की झांसी में सड़क हादसे में मौत, जेल में बंद भाई से मिलने जा रहा था