×
 

रेड फोर्ट ब्लास्ट से जुड़े डॉक्टरों की बिना पुलिस सत्यापन नियुक्ति: अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर ईडी का बड़ा खुलासा

ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने रेड फोर्ट ब्लास्ट से जुड़े डॉक्टरों को बिना पुलिस सत्यापन नियुक्त किया और छात्रों को गुमराह कर करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग की।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी जांच में पाया है कि फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने रेड फोर्ट क्षेत्र में नवंबर 2025 में हुए विस्फोट से जुड़े तीन डॉक्टरों सहित कई विशेषज्ञों को बिना किसी पुलिस सत्यापन या जांच के नियुक्त किया था। इनमें से दो डॉक्टरों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गिरफ्तार किया है, जबकि तीसरा डॉक्टर कथित तौर पर आत्मघाती हमलावर था, जिसकी विस्फोट में मौत हो गई थी।

ईडी ने यह खुलासा यूनिवर्सिटी के प्रमोटर के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दौरान किया। एजेंसी ने इस संबंध में यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अधिकारियों और फैकल्टी सदस्यों के बयान दिल्ली की एक अदालत में 16 जनवरी 2026 को दाखिल चार्जशीट में शामिल किए हैं। इस मामले में अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जव्वाद अहमद सिद्दीकी और अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट को आरोपी बनाया गया है।

करीब 260 पन्नों की चार्जशीट में आरोप है कि छात्रों से वसूली गई फीस से अवैध धन अर्जित किया गया और संस्थानों की मान्यता व एक्रिडिटेशन को लेकर गलत जानकारी दी गई। ईडी ने यूनिवर्सिटी की लगभग 140 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन और इमारत को भी अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।

और पढ़ें: अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को रिहाई का आदेश

चार्जशीट के अनुसार, मेडिकल कॉलेज में कई डॉक्टर केवल “कागजों पर” नियुक्त किए गए थे। उन्हें “22 दिन पंच” या “हफ्ते में दो दिन” जैसी शर्तों पर नियमित फैकल्टी दिखाया गया, ताकि नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) से आवश्यक मंजूरी मिल सके। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार और कुलपति ने भी ईडी को बताया कि इन डॉक्टरों की नियुक्ति के समय कोई पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया।

ईडी के मुताबिक, नवंबर 2025 में रेड फोर्ट के पास हुए कार बम धमाके में 15 लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में जुड़े डॉक्टरों की नियुक्ति और यूनिवर्सिटी के वित्तीय लेन-देन में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। एजेंसी ने दावा किया है कि इस पूरे मामले में लगभग 493.24 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है और जांच अभी जारी है।

और पढ़ें: आई-पैक छापे मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर भाजपा का ममता बनर्जी पर हमला, बताया गंभीर अभियोग

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share