नए आपराधिक कानूनों के पूर्ण लागू होने पर दोषसिद्धि दर 80% होगी: गृह मंत्री अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के पूर्ण लागू होने पर दोषसिद्धि दर 80% तक पहुंचेगी। माओवादी हिंसा जल्द समाप्त करने का भरोसा भी दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार (16 फरवरी 2026) को कहा कि देश में नए आपराधिक कानूनों के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद आपराधिक मामलों में दोषसिद्धि दर 80% तक पहुंच जाएगी। वह दिल्ली पुलिस के 79वें स्थापना दिवस परेड समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश ने न्याय-आधारित तीन नए आपराधिक कानूनों के रूप में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जिससे मामलों के निपटान और दोषसिद्धि दर में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। गृह मंत्री का संकेत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) की ओर था, जिन्होंने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम का स्थान लिया।
अमित शाह ने यह भी कहा कि माओवादी हिंसा के खिलाफ लड़ाई अंतिम चरण में है और मार्च तक इसे पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।
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कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दिल्ली पुलिस की कई नई पहलों की शुरुआत की, जिनमें स्पेशल सेल के लिए एकीकृत मुख्यालय और ‘सेफ सिटी’ परियोजना का पहला चरण शामिल है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत 10,000 एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरों में से 2,100 को निगरानी नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है, साथ ही पहले से लगे 15,000 कैमरों को भी एकीकृत किया गया है।
गृह मंत्री ने दिल्ली पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी, जो देश के लोकतंत्र की धड़कन और सम्मान का प्रतीक है, वहां की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया गया है।
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