अनुभाग नारायण दास ने संभाला रक्षा लेखा महानियंत्रक का पद, 30 वर्षों से अधिक का अनुभव
आईडीएएस 1991 बैच के अधिकारी अनुभाग नारायण दास ने रक्षा लेखा महानियंत्रक का पद संभाला। उनके पास रक्षा वित्तीय प्रबंधन और सार्वजनिक सेवा में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है।
भारतीय रक्षा लेखा सेवा (IDAS) के 1991 बैच के वरिष्ठ अधिकारी अनुभाग नारायण दास ने रक्षा लेखा महानियंत्रक (Controller General of Defence Accounts - CGDA) का पदभार ग्रहण कर लिया है। उनके पास रक्षा वित्तीय प्रबंधन और सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव है।
नए पद पर नियुक्ति के साथ अनुभाग नारायण दास अब देश की रक्षा वित्तीय प्रणाली के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। उनकी जिम्मेदारी रक्षा मंत्रालय के तहत वित्तीय अनुशासन, बजट प्रबंधन और लेखा प्रणाली को और अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाना होगा।
अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है और रक्षा लेखा प्रणाली में कई सुधारात्मक पहलुओं में योगदान दिया है। उनके अनुभव को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि वे रक्षा वित्तीय ढांचे को और अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाएंगे।
रक्षा लेखा महानियंत्रक का पद देश की रक्षा सेवाओं के वित्तीय प्रबंधन में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पद न केवल बजट नियंत्रण बल्कि रक्षा सेवाओं की वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाता है।
अनुभाग नारायण दास की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब सरकार रक्षा क्षेत्र में वित्तीय सुधारों और डिजिटल प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। उनकी विशेषज्ञता से रक्षा लेखा प्रणाली में तकनीकी और प्रशासनिक सुधारों की गति तेज होने की उम्मीद है।
उनके कार्यभार संभालने के बाद विभाग में नई रणनीतियों और बेहतर वित्तीय प्रबंधन प्रणाली लागू करने की संभावना जताई जा रही है। यह नियुक्ति रक्षा क्षेत्र में प्रशासनिक निरंतरता और दक्षता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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