अरुणाचल प्रदेश में बादल फटने से तबाही, पांच लोग लापता, 50 से अधिक घर नष्ट
अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश और बादल फटने से आई बाढ़ में पांच लोग लापता हो गए। कई गांव जलमग्न हो गए और 50 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए।
अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लोअर सुबनसिरी और केई पन्योर जिलों में अचानक आई बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं से कई गांव जलमग्न हो गए हैं। इस आपदा में पांच लोगों के लापता होने की खबर है, जबकि दर्जनों घर और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
याचुली विधानसभा क्षेत्र के विधायक टोको तातुंग ने बताया कि याजाली सर्किल के अंतर्गत पूसा स्थित एनईईपीसीओ परियोजना कॉलोनी के पास आई अचानक बाढ़ के बाद पांच लोग लापता हो गए। प्रशासन और बचाव एजेंसियां उनकी तलाश में जुटी हुई हैं।
तातुंग के अनुसार बुधवार सुबह करीब 6 बजे क्षेत्र में बादल फटने की घटना हुई, जिसके कारण कई नदियां और नाले उफान पर आ गए। इससे एनईईपीसीओ कॉलोनी सहित आसपास के इलाकों में भारी तबाही मची। उन्होंने बताया कि अब तक किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कम से कम 50 घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। इसके अलावा क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण पुल भी बाढ़ के पानी में बह गया।
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मौसम विभाग के अनुसार लोअर सुबनसिरी जिले के याजाली क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान 72.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। उपग्रह और रडार आंकड़ों से पता चला है कि सुबह 6 बजे से 7:30 बजे के बीच अत्यधिक वर्षा हुई, जिससे अचानक बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने नदी किनारे और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
उधर, असम सरकार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। भारी वर्षा के कारण ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियों की टीमें भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखी गई हैं।
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