अरुंधति रॉय को मदर मैरी कम्स टू मी के लिए मथरुभूमि बुक ऑफ द ईयर अवॉर्ड
अरुंधति रॉय को उनके उपन्यास मदर मैरी कम्स टू मी के लिए मथरुभूमि बुक ऑफ द ईयर अवॉर्ड 2026 मिला, जो व्यक्तिगत और राजनीतिक विमर्श को गहराई से प्रस्तुत करता है।
प्रसिद्ध लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति रॉय को उनके उपन्यास मदर मैरी कम्स टू मी के लिए वर्ष 2026 का मथरुभूमि बुक ऑफ द ईयर अवॉर्ड प्रदान किया गया है। इस सम्मान की घोषणा सातवें मथरुभूमि इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ लेटर्स (MBIFL) से पहले की गई है, जो 29 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक आयोजित होना है।
मथरुभूमि बुक ऑफ द ईयर अवॉर्ड अब अपने सातवें संस्करण में है। इस पुरस्कार के तहत ₹2 लाख की नकद राशि और एक स्मृति-चिह्न (स्कल्पचर) प्रदान किया जाता है। यह सम्मान भारत में प्रकाशित किसी अंग्रेज़ी भाषा की पुस्तक को दिया जाता है, जिसने समकालीन साहित्य में स्थायी और महत्वपूर्ण योगदान दिया हो। यह पुस्तक मूल रूप से अंग्रेज़ी में लिखी गई हो या किसी भारतीय भाषा से अनूदित हो सकती है।
अरुंधति रॉय का यह नवीनतम उपन्यास एक अत्यंत निजी और भावनात्मक कृति है। इसमें उन्होंने अपनी मां मैरी रॉय के साथ अपने जटिल और कई बार तनावपूर्ण रिश्ते को गहराई से टटोला है। यह पुस्तक केवल एक आत्मकथात्मक विवरण नहीं है, बल्कि स्मृति, परिवार, सत्ता और सामाजिक संरचनाओं पर भी गंभीर विचार प्रस्तुत करती है।
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मदर मैरी कम्स टू मी में अरुंधति रॉय ने निजी अनुभवों को व्यापक सामाजिक और राजनीतिक संदर्भों से जोड़ा है। यह कृति आत्मकथा, संस्मरण और सामाजिक आलोचना का सशक्त मिश्रण है, जिसमें व्यक्तिगत रिश्तों को न्याय, अधिकार और सत्ता के बड़े संघर्षों के साथ रखा गया है।
साहित्यिक जगत में यह पुस्तक अपनी स्पष्ट भाषा, गहन संवेदनशीलता और वैचारिक साहस के लिए सराही जा रही है। मथरुभूमि पुरस्कार से सम्मानित होना अरुंधति रॉय के साहित्यिक योगदान और उनकी विशिष्ट लेखन शैली की एक और महत्वपूर्ण मान्यता माना जा रहा है।
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