वे शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर रहे थे: अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर निहत्थे छात्रों पर बर्बर कार्रवाई का आरोप लगाया
अरविंद केजरीवाल ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण मार्च कर रहे निहत्थे छात्रों के साथ बर्बर व्यवहार किया गया।
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर रहे निहत्थे छात्रों के खिलाफ “बेहद बर्बर” कार्रवाई की।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्र किसी तरह के हथियार लेकर नहीं आए थे और उनका उद्देश्य केवल अपनी मांगों को लेकर संसद तक पहुंचना था। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने इन छात्रों के साथ कठोर व्यवहार किया।
केजरीवाल ने कहा, “मोदी सरकार ने इन बच्चों पर बेहद बर्बर तरीके से हमला किया। ये बच्चे निहत्थे थे। इनके पास न कोई हथियार था, न डंडे और न ही कोई लाठी। वे शांतिपूर्ण तरीके से संसद की ओर मार्च कर रहे थे।”
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग किया गया। केजरीवाल ने सरकार से अपील की कि वह छात्रों की समस्याओं को समझे और बातचीत के जरिए समाधान निकाले।
यह बयान ऐसे समय आया है जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। सीजेपी के कार्यकर्ता कथित नीट परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक मामलों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए। वहीं, दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों का एक हिस्सा हिंसक हो गया था और सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया गया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, झड़प में कई पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान घायल हुए हैं। पुलिस ने मामले में कई एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर हैं और छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की आलोचना कर रहे हैं। वहीं, सरकार और पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए गए।