असम में कांग्रेस नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने दी इस्तीफे की चेतावनी, टिकट विवाद से बढ़ा तनाव
असम के वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने आसिफ मोहम्मद नजर को टिकट देने पर नाराजगी जताते हुए इस्तीफे की चेतावनी दी, जिससे पार्टी में अंदरूनी तनाव बढ़ गया है।
असम में आगामी विधानसभा चुनाव 2026 से पहले कांग्रेस पार्टी के भीतर विवाद गहराता जा रहा है। वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी नेतृत्व को चेतावनी दी है कि यदि लाहोरीघाट विधायक आसिफ मोहम्मद नजर को फिर से टिकट दिया गया, तो वे कांग्रेस छोड़ सकते हैं।
बोरदोलोई ने असम प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह को लिखे पत्र में गहरी नाराजगी जताई और कहा कि पार्टी नेतृत्व ने आसिफ मोहम्मद नजर से जुड़े गंभीर आरोपों पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि एमदादुल इस्लाम, जो नजर का करीबी सहयोगी है, अप्रैल 2025 में धिंग के डुमदुमिया इलाके में उन पर और उनके सहयोगी शिबमोनी बोरा पर हुए हमले में शामिल था।
बोरदोलोई के अनुसार, इस हमले में करीब 20 हथियारबंद लोगों ने हमला किया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जमानत मिलने के बाद इस्लाम का “हीरो की तरह स्वागत” किया गया, जिसमें आसिफ मोहम्मद नजर की भूमिका थी।
उन्होंने आगे कहा कि इस्लाम को बाद में कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के आवास ले जाया गया और 11 जनवरी 2026 को एक कार्यक्रम में सम्मानित भी किया गया। अगले दिन मोरीगांव में आयोजित एक पार्टी कार्यक्रम में भी वह आसिफ मोहम्मद नजर और गोगोई के साथ मौजूद था।
बोरदोलोई ने बताया कि उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा की अध्यक्षता वाली स्क्रीनिंग कमेटी में आसिफ मोहम्मद नजर के नाम का विरोध किया था। हालांकि, 13 मार्च को नई दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में सदस्य इमरान मसूद ने उनके आरोपों को “झूठा और मनगढ़ंत” बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि गौरव गोगोई इस मुद्दे पर चुप रहे, जिससे उन्हें निराशा हुई। बोरदोलोई ने चेतावनी दी कि यदि मामले पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पार्टी छोड़ने को मजबूर होंगे।
इस बीच, आसिफ मोहम्मद नजर हाल ही में एक अन्य विवाद में भी घिर गए थे, जब उन्हें और अन्य नेताओं को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ पर्चे ले जाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
यह घटनाक्रम असम कांग्रेस में बढ़ते अंदरूनी तनाव को उजागर करता है।