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असम के मंत्री बिस्वजीत दैमारी ने रोजगार और कौशल विकास योजनाओं की समीक्षा की

असम के मंत्री बिस्वजीत दैमारी ने रोजगार और कौशल विकास पहलों की समीक्षा की। बैठक में रोजगार प्रकोष्ठ, विभागीय पुनर्गठन, प्रशिक्षण और युवाओं को अवसर देने पर चर्चा हुई।

असम के कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता विभाग के मंत्री बिस्वजीत दैमारी ने राज्य में रोजगार और कौशल विकास से जुड़ी विभिन्न पहलों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में रोजगार व्यवस्था को मजबूत करने, युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और कौशल प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ने पर चर्चा हुई।

बैठक का पहला सत्र रोजगार एवं शिल्पकार प्रशिक्षण निदेशालय (डीईसीटी), असम के रोजगार प्रकोष्ठ की कार्यप्रणाली की समीक्षा पर केंद्रित रहा। अधिकारियों ने रोजगार से संबंधित मौजूदा योजनाओं, उनके क्रियान्वयन और युवाओं तक इनके लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया की जानकारी दी।

बैठक में पूर्ववर्ती खेल एवं युवा कल्याण विभाग से संबंधित जिम्मेदारियों और उसके विभाजन पर भी चर्चा की गई। विभागीय पुनर्गठन के बाद विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए जिम्मेदारियों के स्पष्ट निर्धारण पर जोर दिया गया।

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मंत्री बिस्वजीत दैमारी ने रोजगार और कौशल विकास कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने युवाओं के लिए उपलब्ध रोजगार अवसरों को बढ़ाने तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मौजूदा रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

बैठक में कौशल प्रशिक्षण, रोजगार सहायता और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विभागीय स्तर पर समन्वय मजबूत करने पर भी विचार किया गया। अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी करने और लाभार्थियों तक सरकारी कार्यक्रमों का लाभ समय पर पहुंचाने पर ध्यान देने को कहा गया।

सरकार का उद्देश्य राज्य के युवाओं को आवश्यक कौशल उपलब्ध कराने के साथ उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है। समीक्षा बैठक के दौरान रोजगार संबंधी सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुगम बनाने के उपायों पर भी चर्चा हुई।

बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने विभागीय पहलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता के क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने पर जोर दिया।

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