असम में करोड़ों के घोटाले का आरोप, अधिकारी ने मुख्यमंत्री की आवाज की नकल कर लोगों को ठगा
असम में अधिकारी देबेश्वर बोरा पर सरकारी ठेकों के नाम पर करोड़ों की ठगी और मुख्यमंत्री समेत वरिष्ठ अधिकारियों की आवाज की नकल कराने का आरोप है।
असम में कथित करोड़ों रुपये के धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के मामले में मुख्यमंत्री की विशेष सतर्कता प्रकोष्ठ ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारी देबेश्वर बोरा को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह सरकारी ठेकों का लालच देकर लोगों से पैसे वसूलता था और वरिष्ठ अधिकारियों तक अपनी सीधी पहुंच होने का विश्वास दिलाने के लिए मिमिक्री कलाकारों की मदद लेता था।
मुख्यमंत्री की विशेष सतर्कता प्रकोष्ठ की वरिष्ठ अधिकारी रोजी कलिता ने बताया कि मामले की शिकायत 30 मई को एक कारोबारी ने की थी। कारोबारी ने आरोप लगाया कि सरकारी ठेका दिलाने के नाम पर उससे 10 लाख रुपये लिए गए। बाद में आरोपी ने 40 लाख रुपये और मांगे। संदेह होने पर कारोबारी ने आगे भुगतान करने से इनकार कर दिया और अपने 10 लाख रुपये वापस मांगे।
जांच में जिस बैंक खाते में रकम जमा हुई थी, उसका संबंध कथित तौर पर अरुणाचल प्रदेश की एक कारोबारी फर्म से मिला। केके एंटरप्राइज और डीबी एंटरप्राइज के मालिकों ने भी जांचकर्ताओं को बताया कि सरकारी ठेके दिलाने के नाम पर उनसे करीब 2.5 करोड़ रुपये की ठगी की गई।
और पढ़ें: राघव चड्ढा का नाम मतदाता सूची में जुड़ा, चुनाव आयोग ने दी प्रक्रिया की जानकारी
जांच के दौरान कथित मिमिक्री नेटवर्क का खुलासा हुआ। आरोप है कि बोरा लोगों के सामने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को फोन करने का दिखावा करता था। दूसरी तरफ से मिमिक्री कलाकार या उसकी टीम के सदस्य अधिकारियों की आवाज में जवाब देते थे। इससे पीड़ितों को लगता था कि उनकी बात वास्तव में बड़े अधिकारियों से हो रही है।
जांच में करीब 18 सिम कार्ड बरामद किए गए, जिनमें आरोपी के नाम पर केवल एक सिम पंजीकृत था। अधिकारियों के अनुसार, कई सिम तीसरे पक्ष से हासिल किए गए थे। तलाशी के दौरान देमाजी और गुवाहाटी स्थित उसके ठिकानों तथा देमाजी कार्यालय से दस्तावेज बरामद हुए हैं।
आरोपी को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। जांच अब पैसों के लेन-देन, सिम कार्ड और इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर केंद्रित है।
और पढ़ें: मायावती के बयान के बाद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से लिया संन्यास, आकाश आनंद के भविष्य पर बढ़ा फोकस