अयोध्या में सख्त शाकाहारी क्षेत्र लागू: राम मंदिर के चारों ओर 15 किलोमीटर तक मांसाहार पर प्रतिबंध
राम मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए अयोध्या में 15 किलोमीटर के दायरे में मांसाहारी भोजन की बिक्री और डिलीवरी पर सख्त प्रतिबंध लागू किया गया है।
अयोध्या, जिसे भारत की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में देखा जाता है, अब अपनी धार्मिक पवित्रता को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। राम मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्थाओं की रक्षा के उद्देश्य से प्रशासन ने मंदिर के चारों ओर 15 किलोमीटर के दायरे में मांसाहारी भोजन की आपूर्ति और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया है। इस फैसले के तहत ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म, होटल, गेस्ट हाउस और स्थानीय दुकानों पर सख्त निगरानी की जा रही है।
प्रशासन ने यह कदम लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उठाया है, जिनमें बताया गया था कि पवित्र पंचकोसी परिक्रमा क्षेत्र में ऑनलाइन ऐप्स के जरिए मांसाहारी भोजन की डिलीवरी की जा रही थी। शुक्रवार को हुई कार्रवाई में अधिकारियों ने न केवल फूड डिलीवरी सेवाओं पर रोक लगाई, बल्कि उन होटलों और होमस्टे को भी चेतावनी दी, जो मांस या शराब परोसते पाए गए। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की बात भी कही गई है।
सहायक खाद्य आयुक्त मणिक चंद्र सिंह ने बताया कि सभी होटल, दुकानें और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को औपचारिक रूप से सूचित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रतिबंध की कड़ाई से निगरानी की जाएगी और किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। यह निर्णय मई 2025 में अयोध्या नगर निगम द्वारा राम पथ के 14 किलोमीटर लंबे मार्ग पर मांस और शराब की बिक्री पर लगाए गए प्रतिबंध का विस्तार माना जा रहा है।
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स्थानीय होटल और व्यापार जगत ने इस फैसले का स्वागत किया है। एक प्रमुख होटल के महाप्रबंधक शुभम श्रीवास्तव ने कहा कि अयोध्या धाम की पवित्रता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और उनके यहां पूरी तरह शाकाहारी व्यवस्था लागू की गई है। उनका मानना है कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मांसाहार पाप माना जाता है और इस नीति से शहर की आध्यात्मिक पहचान मजबूत होगी।
विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी इस निर्णय की सराहना करते हुए इसे धार्मिक शुद्धता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि अयोध्या अब हरिद्वार और तिरुपति जैसे तीर्थ स्थलों की तरह मांस और शराब मुक्त शहर के रूप में उभर रही है। राम मंदिर के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह कदम अयोध्या की आध्यात्मिक छवि को और निखारेगा।
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