पश्चिम बंगाल में किसी भी पात्र मतदाता का नाम नहीं हटेगा, चुनाव शांतिपूर्ण होंगे: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि पश्चिम बंगाल में किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटेगा और चुनाव आयोग स्वतंत्र, निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार को कहा कि राज्य में किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग की प्राथमिकता पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करना है।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि उन्होंने राज्य में राजनीतिक दलों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कई बैठकें की हैं। इन बैठकों में चुनावी तैयारियों और व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोगों ने हमेशा शांतिपूर्ण और सहभागी लोकतंत्र में विश्वास दिखाया है और आयोग भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान सभी सरकारी कर्मचारियों को चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार काम करना होगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में लगभग 80 हजार मतदान केंद्र हैं, जिनमें से करीब 61 हजार ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं। इतने बड़े चुनावी प्रबंधन को देखते हुए चुनाव आयोग विशेष तैयारी कर रहा है।
ज्ञानेश कुमार ने घोषणा की कि मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे मतदान प्रक्रिया की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर प्रक्रिया संविधान के अनुसार की गई है और यह पूरी तरह निष्पक्ष है। दौरे के बाद चुनाव आयोग दिल्ली लौटकर पूरे मामले की समीक्षा बैठक करेगा।
इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग से न्यायिक अधिकारियों के लिए सुचारु कार्य वातावरण सुनिश्चित करने को कहा है। अदालत ने बताया कि अब तक एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े 10.16 लाख आपत्तियों और दावों का निपटारा किया जा चुका है।
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