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एसआईआर सुनवाई के दौरान बंगाल के मंत्री ने ड्यूटी पर तैनात महिला अधिकारी को दी धमकी

मुर्शिदाबाद में एसआईआर शिविर के दौरान टीएमसी मंत्री पर महिला चुनाव अधिकारी और बीडीओ को धमकाने का आरोप लगा है, जिससे मतदाता सूची पुनरीक्षण पर विवाद और तेज हो गया है।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन– SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। कुछ दिन पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक विधायक द्वारा चुनाव आयोग को धमकी दिए जाने के बाद अब रघुनाथगंज से टीएमसी विधायक और राज्य के विद्युत विभाग के राज्य मंत्री अखरुज्जमान पर एसआईआर शिविर के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक महिला अधिकारी को कथित तौर पर धमकाने का आरोप लगा है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि मंत्री अखरुज्जमान एसआईआर शिविर के भीतर जाते हैं और तीखी बहस के दौरान एक महिला चुनाव अधिकारी को धमकी देते नजर आते हैं। यह घटना मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज स्थित तेघरी किसान मंडी में आयोजित एसआईआर (स्पेशल समरी रिवीजन) शिविर की बताई जा रही है। मंत्री ने दावा किया कि अदालत के आदेश के अनुसार, सुनवाई के लिए आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को रसीद की प्रति दी जानी चाहिए।

वीडियो में मंत्री महिला अधिकारी से यह कहते हुए दिखाई देते हैं, “क्या आप यहां बीजेपी एजेंट बनकर आई हैं?” उनके साथ मौजूद नेताओं ने भी महिला अधिकारी को धमकाया और कहा कि “एक मंत्री आपके सामने आया है और आप बैठे-बैठे बात कर रही हैं, खड़ी तक नहीं हो रहीं।”

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इसके अलावा रघुनाथगंज ब्लॉक-2 के प्रखंड विकास अधिकारी (BDO) को भी धमकाया गया और कहा गया कि जो भी व्यक्ति सुनवाई के लिए आए, उसे हस्ताक्षर और मुहर लगी रसीद दी जाए, अन्यथा विधायक के समर्थक शिविर को बंद कर देंगे।

मंत्री अखरुज्जमान ने आरोप लगाया कि एसआईआर सुनवाई के दौरान आम लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिविरों में महिलाओं के लिए शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं और कई लोग बीमार पड़ रहे हैं। उनका आरोप था कि चुनाव आयोग वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हटाने की कोशिश कर रहा है।

वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी शुरू से ही एसआईआर प्रक्रिया में दखल दे रही हैं और बूथ लेवल अधिकारियों पर गलत जानकारी अपलोड करने का दबाव बना रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में बीडीओ कार्यालयों में तोड़फोड़ और अधिकारियों पर हमले की घटनाएं हो रही हैं।

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