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ईडी की कोलकाता छापेमारी में रुकावट का मामला बेहद गंभीर: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की कोलकाता छापेमारी में कथित रुकावट के आरोपों को बेहद गंभीर बताया, नोटिस जारी करने और पूरे मामले की जांच का संकेत दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस शिकायत को गुरुवार (15 जनवरी, 2026) को “बेहद गंभीर मामला” करार दिया, जिसमें एजेंसी ने पश्चिम बंगाल सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कोलकाता में छापेमारी के दौरान रुकावट डालने का आरोप लगाया है। यह छापेमारी कथित कोयला चोरी घोटाले से जुड़े मामले में राजनीतिक सलाहकार संस्था आई-पैक (I-PAC) के कार्यालय और उसके निदेशक के आवास पर की गई थी।

न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने कहा कि वह इस मामले में नोटिस जारी कर इसकी जांच करेगी। पीठ ने मौखिक टिप्पणी में कहा, “यह बहुत गंभीर मामला है, हम नोटिस जारी करेंगे और इसकी जांच करेंगे।”

शीर्ष अदालत ने ईडी से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट में हुई अव्यवस्था पर भी चिंता जताई। हाईकोर्ट ने अदालत कक्ष में कथित अव्यवस्थित हालात का हवाला देते हुए आई-पैक से जुड़ी तलाशी और जब्ती की कार्यवाही पर सुनवाई 14 जनवरी तक के लिए टाल दी थी।

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सुनवाई शुरू होते ही ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार का “हस्तक्षेप और रुकावट” एक चिंताजनक पैटर्न को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वैधानिक एजेंसियां अपने अधिकारों का इस्तेमाल करती हैं, मुख्यमंत्री स्वयं हस्तक्षेप करती हैं, जिससे केंद्रीय बलों का मनोबल गिरता है।

सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि आई-पैक कार्यालय में आपत्तिजनक सामग्री मौजूद होने के सबूत थे और अधिकारियों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए अदालत को संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के प्रवेश को “लोकतंत्र की जगह भीड़तंत्र” करार दिया।

वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने ईडी के आरोपों का विरोध करते हुए कहा कि पहले इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री द्वारा डिजिटल उपकरण जब्त करने का आरोप झूठा है, जिसे ईडी के पंचनामे से ही खारिज किया जा सकता है।

यह मामला 8 जनवरी की घटनाओं से जुड़ा है, जब ईडी ने आरोप लगाया था कि छापेमारी के दौरान उसे बाधाओं का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एजेंसी पर अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने ईडी के दावों को खारिज किया है।

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