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राजस्थान में बीजेपी का दबदबा, जोधपुर में प्रसन्न चंद मेहता, जयपुर में सुनील कोठारी और कोटा में अनुसूया गोस्वामी मेयर चुनी गईं

राजस्थान के जोधपुर, जयपुर और कोटा नगर निगमों में बीजेपी उम्मीदवार क्रमशः प्रसन्न चंद मेहता, सुनील कोठारी और अनुसूया गोस्वामी मेयर चुने गए। कोटा में क्रॉस-वोटिंग के संकेत मिले।

राजस्थान के तीन प्रमुख नगर निगमों में शुक्रवार को मेयर पद के चुनाव हुए। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रसन्न चंद मेहता ने जोधपुर, सुनील कोठारी ने जयपुर और अनुसूया गोस्वामी ने कोटा नगर निगम के मेयर पद पर जीत दर्ज की।

जोधपुर नगर निगम में बीजेपी के प्रसन्न चंद मेहता को 100 पार्षदों में से 53 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 47 वोट मिले। इस तरह मेहता ने छह वोटों के अंतर से जीत हासिल की। चुनाव के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल और संगठन महामंत्री अजय कुमार का आभार जताया।

प्रसन्न चंद मेहता ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताकर जोधपुर की सेवा की जिम्मेदारी दी है। उन्होंने कहा कि मेयर बनने के बाद नगर निगम के सभी पार्षद उनके परिवार का हिस्सा हैं और विकास कार्यों में सभी को साथ लेकर चलेंगे। उन्होंने दीपावली से पहले शहर की सफाई, सड़कों की व्यवस्था और बेहतर रोशनी उपलब्ध कराने को प्राथमिकता बताया।

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जयपुर नगर निगम के मेयर पद पर बीजेपी के सुनील कोठारी निर्वाचित हुए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें 89 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 60 वोट मिले। जयपुर नगर निगम में 150 वार्ड हैं। पार्षद चुनाव के नतीजे 15 सितंबर को घोषित हुए थे, जिसके बाद मेयर के चुनाव के लिए पार्षदों ने मतदान किया।

कोठारी ने जीत के बाद पार्टी नेताओं, जनप्रतिनिधियों और जमीनी कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने जयपुर के विकास और पार्टी संगठन को मजबूत करने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने की बात कही।

कोटा नगर निगम में बीजेपी की अनुसूया गोस्वामी मेयर चुनी गईं। बीजेपी को 65 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 35 वोट मिले। बीजेपी के 57 पार्षदों और दो निर्दलीय पार्षदों के समर्थन के बावजूद गोस्वामी को कुल 65 वोट मिले। वहीं कांग्रेस के 39 पार्षदों के मुकाबले उसके उम्मीदवार को 35 वोट मिले। गुप्त मतदान के कारण यह स्पष्ट नहीं है कि किस पार्षद ने किसे वोट दिया, लेकिन आंकड़ों से क्रॉस-वोटिंग के संकेत मिलते हैं।

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