×
 

राजस्थान निकाय चुनाव में भाजपा का दबदबा, कांग्रेस की रणनीति पर उठे सवाल

राजस्थान निकाय चुनावों में भाजपा की बढ़त के बीच कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठे हैं। अशोक गहलोत ने प्रचार में चूक स्वीकार की, कई शहरों में बोर्ड गठन चुनौती बना।

राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की बढ़त के बीच कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रचार के दौरान पार्टी से हुई चूक की बात स्वीकार की है। कई शहरों में कांग्रेस को बोर्ड गठन के लिए चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

निकाय चुनावों में भाजपा ने करीब दो दर्जन शहरों में निर्विरोध अध्यक्ष बनाए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रचार अभियान के बीच भाजपा ने कई निकायों में अपनी स्थिति मजबूत की है। वहीं, गहलोत ने कहा कि यदि कांग्रेस के सभी बड़े नेता शहरों में जाकर रोड शो करते तो पार्टी की स्थिति बेहतर हो सकती थी।

जोधपुर समेत कई शहरों में मुश्किल

जोधपुर में कांग्रेस बहुमत के करीब होने के बावजूद निर्दलीय पार्षदों को अपने साथ रखने में सफल नहीं रही। रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा ने निर्दलीयों का समर्थन हासिल कर बोर्ड गठन की स्थिति मजबूत कर ली है। भूपेंद्र सैनी और किशोर सिंह कनोड़ समेत स्थानीय नेताओं की सक्रियता का भी उल्लेख किया गया है।

और पढ़ें: कांग्रेस पार्षद ने भाजपा का दामन थामा, खेतड़ी नगर पालिका की निर्विरोध अध्यक्ष बनीं गीता सैनी

भीलवाड़ा में रामलाल जाट और धीरज गुर्जर के बीच मतभेद, जबकि कोटा में शांति धारीवाल और प्रहलाद गुंजल के बीच राजनीतिक खींचतान को कांग्रेस के लिए चुनौती बताया गया है। उदयपुर में भाजपा का मेयर बनने की स्थिति बताई जा रही है। बीकानेर में कांग्रेस के सामने बहुमत बनाए रखने की चुनौती है।

जयपुर नगर निगम में भाजपा पहले ही स्पष्ट बहुमत हासिल कर चुकी है। अब सभी की नजरें मेयर पद के लिए पार्टी की पसंद पर हैं।

कई निकायों में भाजपा के निर्विरोध अध्यक्ष

भरतपुर में अनुराधा सिंह, भीलवाड़ा में जसवंत कंवर, भिवाड़ी में डॉक्टर गुंजन खटाना, चाकसू में पुष्पा शर्मा, खेतड़ी में गीता सैनी, कोटकासिम में रेखा सैनी, महुवा में विनीत बंसल, डीग में अर्पित गुप्ता और हिंडौन में विजय चतुर्वेदी सहित कई उम्मीदवार निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए हैं।

कांग्रेस ने निकाय चुनावों के दौरान पुलिस दबाव और कथित राजनीतिक प्रबंधन को लेकर आरोप लगाए हैं। पार्टी नेताओं के बीच मतभेद और क्रॉस वोटिंग की आशंकाएं भी चर्चा में हैं।

जयपुर, जोधपुर और कोटा में मेयर पद के लिए मतदान 25 सितंबर को होगा। वहीं, अन्य कई शहरी निकायों में 21 सितंबर को अध्यक्ष चुने जाएंगे।

और पढ़ें: जयपुर नगर निगम चुनाव: चारों पुनर्मतदान वाले वार्ड कांग्रेस के खाते में, बीजेपी 78 सीटों के साथ सबसे आगे

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share