हाईकोर्ट ने 48 दिन में 21 किलो वजन घटने वाले आरोपी को दी जमानत, स्थिति को बताया चिंताजनक
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 48 दिनों में 21 किलो वजन गंवाने वाले 59 वर्षीय आरोपी को स्वास्थ्य आधार पर जमानत दी। अदालत ने उसकी चिकित्सा स्थिति को गंभीर और चिंताजनक बताया।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने आपराधिक धमकी और ब्लैकमेल के मामले में गिरफ्तार 59 वर्षीय राधा मोहन मिश्रा को स्वास्थ्य आधार पर जमानत दे दी है। अदालत ने हिरासत के दौरान 48 दिनों में उनका 21 किलोग्राम वजन कम होने को ‘चिंताजनक और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक’ बताया।
न्यायमूर्ति मिलिंद जाधव की पीठ ने सोमवार को कहा कि मिश्रा की चिकित्सा स्थिति प्रथम दृष्टया बेहद नाजुक है। अदालत ने हिरासत के दौरान उनके स्वास्थ्य से जुड़ी घटनाओं को भी गंभीर बताया। मिश्रा को उल्टी, चक्कर आने, बेहोशी, डिहाइड्रेशन और अत्यधिक थकान जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
अदालत ने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में भी 48 दिनों में 21 किलो वजन कम होना चिंताजनक है और इस मामले में आरोपी की गंभीर चिकित्सा स्थिति इसे और महत्वपूर्ण बनाती है। अदालत के मुताबिक, उन्हें जेल या जेल अस्पताल में ही रखना उनके स्वास्थ्य को और बिगाड़ सकता है।
मिश्रा ने जमानत याचिका में बताया था कि वह कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हैं। वर्ष 2025 में उनकी स्लीव गैस्ट्रेक्टॉमी सर्जरी हुई थी, जिसमें उनके पेट का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा हटाया गया था। इसके बाद उन्हें डॉक्टरों द्वारा निर्धारित तरल या अर्ध-तरल आहार लेना था।
मिश्रा ने दावा किया कि गिरफ्तारी के बाद वह निर्धारित आहार का पालन नहीं कर सके, जिसके कारण उनका वजन तेजी से घटा और यह उनकी सेहत के लिए खतरनाक स्थिति बन गई।
अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि उनकी बीमारियां जानलेवा नहीं हैं और जेल में ही उनका इलाज किया जा सकता है। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने जेलों में भीड़ और वहां मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं की सीमाओं का उल्लेख किया।
मिश्रा को जून में भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र के मानव बलि तथा अन्य अमानवीय, अघोरी प्रथाओं और काला जादू संबंधी कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था। अभियोजन के अनुसार, एक दीवानी विवाद को लेकर मिश्रा और उनके परिवार पर पड़ोसी परिवार को धमकाने और ब्लैकमेल करने का आरोप है।
अदालत ने मिश्रा को 2 लाख रुपये का बॉन्ड भरने की शर्त पर जमानत दी।
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