BPSC TRE-4 परीक्षा दिसंबर-जनवरी के बीच संभावित, दो चरणों में होगी परीक्षा; आयोग ने साफ किया पैटर्न
बिहार लोक सेवा आयोग की TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा दिसंबर से जनवरी के बीच संभावित है। परीक्षा प्रारंभिक और मुख्य दो चरणों में होगी, दोनों में वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे।
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर चल रही अटकलों और भ्रम पर आयोग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने सोमवार को बताया कि TRE-4 परीक्षा के पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) और अन्य एजेंसियों से मिले सुझावों के आधार पर परीक्षा दो चरणों में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
राजेश कुमार सिंह के अनुसार, TRE-4 परीक्षा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) और मुख्य परीक्षा (मेन्स) के दो चरणों में होगी। दोनों परीक्षाओं में वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा समेत कई राज्यों में भी परीक्षाएं एक से अधिक चरणों में आयोजित की जाती हैं।
दिसंबर से जनवरी के बीच परीक्षा संभव
TRE-4 की परीक्षा तारीख फिलहाल घोषित नहीं की गई है। राजेश कुमार सिंह ने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने अभ्यर्थी आवेदन करेंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद परीक्षा की तारीख को लेकर निर्णय लिया जाएगा। अभ्यर्थी 30 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे। परीक्षा दिसंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच आयोजित किए जाने की संभावना है।
आयोग ने परीक्षा में नकारात्मक अंक व्यवस्था को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। आयोग के अनुसार, निगेटिव मार्किंग सभी अभ्यर्थियों के लिए समान होगी।
हिंदी माध्यम को लेकर भी दी सफाई
परीक्षा नियंत्रक ने उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों को कम अंक दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि आयोग के पास ऐसा कोई आंकड़ा ही नहीं है, जिसके आधार पर इस तरह का दावा किया जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि 60 प्रतिशत से अधिक अंक मिलने पर संबंधित उत्तर पुस्तिका की दोबारा जांच मुख्य परीक्षक द्वारा की जाती है।
बीपीएससी ने कहा कि TRE-4 परीक्षा में दो चरणों की व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाने और भर्ती प्रक्रिया को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की गई है। आयोग ने अभ्यर्थियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
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