ब्रिक्स देशों से ऊर्जा, खाद्य और स्वास्थ्य सुरक्षा चुनौतियों में सहयोग कर सकते हैं: एस जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि ब्रिक्स देशों के माध्यम से ऊर्जा, खाद्य और स्वास्थ्य सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने में सहयोग किया जा सकता है और वैश्विक स्थिरता बढ़ सकती है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रिक्स उन देशों की मदद कर सकता है, जो ऊर्जा आपूर्ति, खाद्य और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अब तक हमने सभी सदस्य देशों की सक्रिय भागीदारी के साथ 80 से अधिक ब्रिक्स बैठकें आयोजित की हैं। इन बैठकों ने सहयोग को मजबूत किया और विभिन्न क्षेत्रों में संवाद को आगे बढ़ाया। जयशंकर ने कहा कि एक समावेशी और सहयोगात्मक ब्रिक्स ढांचे को बढ़ावा देना आवश्यक है और अध्यक्ष होने के नाते हमने साझीदार देशों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा है।
जयशंकर ने कहा कि वैश्विक संबंधों में इस समय काफी परिवर्तन हो रहा है और चल रहे संघर्ष, आर्थिक अनिश्चितताएँ, व्यापार, तकनीक और जलवायु संबंधी चुनौतियाँ वैश्विक परिदृश्य को आकार दे रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विशेषकर उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों की बढ़ती उम्मीद है कि ब्रिक्स स्थिरता और रचनात्मक भूमिका निभाएगा।
और पढ़ें: भारत ने ओमान तट के पास अपने वाणिज्यिक जहाज पर हमले की निंदा की, घटना को अस्वीकार्य बताया
शांति और सुरक्षा पर चर्चा करते हुए जयशंकर ने कहा कि चल रहे संघर्षों ने कूटनीति और संवाद पर जोर देने की आवश्यकता को स्पष्ट किया है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता पर भी प्रकाश डाला।
इसके अलावा, उन्होंने विकास चुनौतियों जैसे ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, उर्वरक उपलब्धता, स्वास्थ्य प्रणाली और वित्तीय पहुँच को प्राथमिकता बताया। जयशंकर ने आर्थिक लचीलापन और आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता तथा बाजारों के विविधीकरण को वैश्विक विकास बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण करार दिया।
और पढ़ें: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की एम.के. स्टालिन से मुलाकात, राजनीतिक हलचल तेज