सीबीआई का रेलवे में भ्रष्टाचार पर शिकंजा, मुंबई, वाराणसी और हावड़ा से तीन अधिकारी रिश्वत मामले में गिरफ्तार
सीबीआई ने 72 घंटे के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में मुंबई, वाराणसी और हावड़ा से तीन रेलवे अधिकारियों को रिश्वतखोरी के अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी आगे की कार्रवाई में जुटी है।
भारतीय रेलवे में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई, वाराणसी और हावड़ा से तीन रेलवे अधिकारियों को अलग-अलग रिश्वतखोरी के मामलों में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) का एक कर्मचारी भी शामिल है।
सीबीआई के अनुसार, यह कार्रवाई 72 घंटे तक चले विशेष भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत की गई है। एजेंसी का कहना है कि रेलवे से जुड़े विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है।
जांच एजेंसी ने बताया कि 22 जुलाई को मुंबई स्थित आईआरसीटीसी के पश्चिम क्षेत्रीय कार्यालय के एक वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी और कोलकाता की निजी कंपनी अराहा हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक को 3.98 लाख रुपये के कथित रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया गया।
सीबीआई के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आईआरसीटीसी के अधिकारी ने निजी कंपनी के निदेशक और अन्य लोगों के साथ मिलकर कथित साजिश रची। आरोप है कि अधिकारी ने अपने पद का अनुचित और बेईमानी से इस्तेमाल करते हुए निजी लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से रिश्वत स्वीकार करने की योजना बनाई थी।
एजेंसी का कहना है कि रिश्वत की यह रकम सरकारी कार्यों में अनुचित लाभ पहुंचाने और आधिकारिक जिम्मेदारियों का गलत तरीके से निर्वहन करने के बदले ली जानी थी। मामले में निजी कंपनी की भूमिका और अन्य संभावित आरोपियों की भी जांच की जा रही है।
इसके अलावा, वाराणसी और हावड़ा में भी रेलवे अधिकारियों के खिलाफ अलग-अलग रिश्वतखोरी के मामलों में कार्रवाई की गई है। सीबीआई ने तीनों मामलों में संबंधित दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जब्त किए हैं। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि इन मामलों में कोई बड़ा भ्रष्टाचार नेटवर्क या अन्य अधिकारी शामिल तो नहीं हैं।
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि रेलवे में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां या अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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