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नीट-यूजी पेपर लीक मामले में 10 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ी

राउज एवेन्यू कोर्ट ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले में 10 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ा दी। सीबीआई पूरे पेपर लीक नेटवर्क और धन लेनदेन की जांच कर रही है।

नीट-यूजी पेपर लीक मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए 10 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ा दी। सभी आरोपियों को उनकी पिछली न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया।

जिन आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाई गई है, उनमें यश यादव, मंगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, धनंजय लोखंडे, तेजस हर्षद शाह, शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे, मनीषा हवालदार और डॉ. मनोज शिरुरे शामिल हैं।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इस मामले की जांच कर रही है। एजेंसी का आरोप है कि पेपर लीक एक सुनियोजित नेटवर्क के जरिए किया गया। जांच के अनुसार, शुभम खैरनार ने सबसे पहले प्रश्नपत्र यश यादव तक पहुंचाया। इसके बाद यश यादव ने इसे मंगीलाल बिवाल को सौंपा। आरोप है कि मंगीलाल ने 10 लाख रुपये देकर लीक प्रश्नपत्र हासिल किया और बाद में इसे कई अभ्यर्थियों को लगभग 12 लाख रुपये में बेच दिया।

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सीबीआई का दावा है कि लीक हुआ प्रश्नपत्र बाद में विकास बिवाल और दिनेश बिवाल तक पहुंचाया गया। पूछताछ के दौरान विकास बिवाल ने बताया कि उसकी मुलाकात यश यादव से राजस्थान के सीकर में कोचिंग के दौरान हुई थी।

इससे पहले 9 जून को अदालत ने मनीषा वाघमारे की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। वहीं, आरोपी यश यादव को न्यायिक हिरासत में रहते हुए 21 जून को आयोजित नीट-यूजी पुनर्परीक्षा में शामिल होने और अपनी बहन की शादी में जाने की अनुमति दी गई थी।

उधर, वर्ष 2026 की नीट-यूजी पुनर्परीक्षा का परिणाम जुलाई के अंत तक जारी होने की संभावना है। अभ्यर्थी परिणाम जारी होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर अपना स्कोरकार्ड देख सकेंगे।

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